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Jamshedpur घाटशिला उप चुनाव में त्रिकोणात्मक मुकाबला, सभी पार्टी जीत का कर रहे दावा Ghatshila by-election a triangular contest, all parties claiming victory

 


Jamshedpur (Nagendra) घाटशिला में मंगलवार 11 नवंबर को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ. सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी . मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें यह संकेत दे रही थीं कि लोग लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. दोपहर 01 बजे तक 2.56 लाख मतदाताओं में से 54 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुका था . घाटशिला निर्वाचन क्षेत्र के 300 मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा और शुरुआती 4 घंटों में 54.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.


पूरे निर्वाचन क्षेत्र में मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं में खासकर महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं. घाटशिला के बूथ संख्या-1 नरसिंहपुर मध्य विद्यालय में ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण मतदान आधे घंटे देर से शुरू हो सका. हालांकि चुनाव कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए समस्या को शीघ्र ही दूर कर दिया , जिसके बाद मतदान सामान्य रूप से चलता रहा.



वहीं बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था थी. उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए वाहनों की सुविधा दी गई. व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों की मदद से उन्हें मतदान में सहयोग मिला. इससे यह सुनिश्चित हुआ कि कोई भी मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे. यह उपचुनाव सत्तारूढ़ झामुमो और भाजपा के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने उपचुनाव जीतने और आदिवासी लोगों के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इस सीट पर कब्जाकर सरकार की साख कम करने की पुरजोर कोशिश की है. वहीं झामुमो महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना है कि घाटशिला के लोगों ने भाजपा को हराकर दिशोम गुरु शिबू सोरेन और दिवंगत रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि देने का फैसला किया है. जबकि दूसरी तरफ भाजपा की झारखंड इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि लोगों ने राज्य सरकार को उसके कथित आदिवासी विरोधी रवैये, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए सबक सिखाने का फैसला किया है.



हालांकि, चुनाव परिणाम का सरकार पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि 81 सदस्यीय राज्य विधानसभा में झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास फिलहाल 55 विधायक हैं जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास 24 विधायक हैं. घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में बंपर वोटिंग हुई . सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कुल 74.63 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड की गई है . इस उपचुनाव में 1.31 लाख महिलाओं सहित 2.56 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं. कुल 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हुए हैं , जिनके भाग्य का फैसला 14 नवंबर को होना है .



वैसे मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ झामुमो के दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र एवं भाजपा नेता बाबूलाल सोरेन के बीच ही दिखती नजर आ रही है और चुनाव के दिन भी इन दोनों के बीच ही मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए कांटे की टक्कर रही . चुनाव संपन्न होने के बाद दोनों पार्टी के नेता व कार्यकर्ता अपनी अपनी ओर से जीत का दावा कर रहे हैं . वहीं जयराम महतो की पार्टी के प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने अपनी  उपस्थिति दर्ज कर त्रिकोणात्मक संघर्ष ला दिया है , जिससे झामुमो और भाजपा को सोचने पर मजबूर कर दिया है . अब देखना है कि 14 नवंबर को मतगणना के दिन कौन बाजी मारता है और विजय श्री का ताज किसे मिलता है , वह अभी गर्त में है.



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