Jamshedpur (Nagendra) दलमा के कोंकाधासा गांव में सोलर संचालित जलमीनार पिछले छः महीने से खराब पड़ा हुआ है। यहां रहने वाले आदिवासी भूमिज समाज से जुड़े 26 परिवार के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। फिलहाल डोभा से पानी लाकर प्यास बुझाने का काम कर रहे हैं, जबकि दो परिवार के लोग बगल में मौजूद वन विभाग के गार्ड रूम में सर्दी के इस मौसम में रातें गुजारने को मजबूर हैं। दलमा आंचलिक सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जलन मार्डी एवं महासचिव रामकृष्ण महतो ने बताया कि मंगलवार को दौरे के क्रम में कोंकाधासा गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने अपनी समस्या से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दलमा के बीच बसे इस गांव में 26 आदिवासी परिवार निवास करते हैं। जिसमें 3 परिवार को ही अबुआ आवास का लाभ मिला है। जबकि बाकी बचे लोगों को अभी तक योजना से जोड़ा नहीं गया है।
उन्होंने बताया कि गांव के मनोज सिंह व संतोष सिंह का कच्चा मकान बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। फिलहाल वन विभाग की ओर से बनाए गए गार्ड ऑफिस में ही दोनों भाई परिवार के साथ रातें गुजार रहे हैं। मनोज का राशन कार्ड भी नहीं बना है। इसलिए राशन से भी वंचित है। बोड़ाम प्रखंड के डालसा पीएलवी निताई चंद्र गोराई को इस बात की जानकारी मिलने पर उन्होंने समस्या के समाधान के लिए बोड़ाम प्रखंड के बीडीओ से मिले थे। बीडीओ ने फंड आने पर काम करने का भरोसा दिलाया था। छः महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई पहल नहीं की जा सकी है।
पीएलवी ने बताया कि कोकाधासा गांव के संजय सिंह के घर के सामने लगे सोलर संचालित जलमीनार पिछले छह महीने से खराब है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों को भी दी है, परन्तु आज तक कोई समाधान नहीं किया गया है। इससे प्रशासन के प्रति ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर के सचिव से भी मिलने की बात कही है।

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