Guwa (Sandeep Gupta) प्रसिद्ध सूफी संत हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी रहमतुल्लाह अलैह की याद में 30 सितंबर 2026 को गुवा जामा मस्जिद में जश्ने गौसुलवरा कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम हाजी मोहम्मद रमजान एवं मोहम्मद इम्तियाज अंसारी के सौजन्य से आयोजित हुआ। इसमें स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आए सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए।
कार्यक्रम में बड़ाजामदा से पहुंचे इमाम तस्लीम रजा ने हजरत अब्दुल कादिर जीलानी की जीवनी, उनकी शिक्षाओं और मानवता की सेवा के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सूफी संतों की शिक्षाएं इंसान को सच्चाई, सादगी, भाईचारे और जरूरतमंदों की सेवा का रास्ता दिखाती हैं। उन्होंने ‘खिदमत-ए-खल्क’ अर्थात मानव सेवा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दूसरों के दुख-दर्द को समझना और जरूरतमंदों की मदद करना समाज को मजबूत बनाता है। स्थानीय मुस्लिम इमामों ने भी अपने संबोधन में कौमी एकता, आपसी भाईचारे और अमन-ओ-अमान का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि सूफी संतों की शिक्षाओं का उद्देश्य लोगों को जोड़ना और समाज में प्रेम एवं सद्भाव कायम करना है।
कार्यक्रम के दौरान उर्स और ग्यारहवीं शरीफ की धार्मिक परंपरा तथा हजरत अब्दुल कादिर जीलानी के आध्यात्मिक योगदान पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों के लिए समुचित भोजन की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम को सफल बनाने में हाजी रमजान, मोहम्मद इम्तियाज अंसारी, इमाम साहिल, शादाब खान सहित मुस्लिम समाज के अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। अंत में सामूहिक दुआ की गई। इसमें अल्लाह तआला से औलिया-ए-किराम के बताए रास्ते पर चलने की तौफीक देने तथा देश में अमन, शांति और भाईचारा कायम रखने की दुआ मांगी गई।


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