Upgrade Jharkhand News. स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत मानगो नगर निगम द्वारा शेन इंटरनेशनल स्कूल, मानगो में अंतर-विद्यालय वेस्ट-टू-आर्ट प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मानगो नगर निगम क्षेत्र में पहली बार छह विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को एक साझा मंच पर लाकर अपशिष्ट प्रबंधन, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की पहल की गई। कार्यक्रम की मेजबानी शेन इंटरनेशनल स्कूल द्वारा की गई।
इस आयोजन में शेन इंटरनेशनल स्कूल, विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल, अमर ज्योति हाई स्कूल, केरला पब्लिक स्कूल, करीम सिटी कॉलेज एवं वर्कर्स कॉलेज के 60 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल एवं कलाकृतियों के माध्यम से कचरे के प्रभावी प्रबंधन और अनुपयोगी वस्तुओं के रचनात्मक उपयोग की संभावनाओं को प्रदर्शित किया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करना, Circular Economy (चक्रीय अर्थव्यवस्था) की अवधारणा को प्रोत्साहित करना तथा डंपसाइट एवं सैनिटरी लैंडफिल तक पहुँचने वाले कचरे की मात्रा को न्यूनतम करना है। यह प्रयास ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुरूप कचरे में कमी लाने, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्मार्ट बिन मॉडल रहा मुख्य आकर्षण -प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 9 के विद्यार्थी तेजस यशराज द्वारा तैयार किया गया स्मार्ट बिन मॉडल रहा, जिसमें मिश्रित कचरे को विभिन्न श्रेणियों में अलग करने की अवधारणा प्रस्तुत की गई। इस मॉडल के माध्यम से स्रोत पर कचरा पृथक्करण और तकनीक आधारित अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व को दर्शाया गया।
शेन इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 10 के विद्यार्थी सुदीप गौर ने Trash Identification and Collection Model तैयार किया, जिसमें कचरे की पहचान एवं संग्रहण की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों ने Zero Waste Puja Pandal एवं Waste to Worship Pandal जैसे मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के माध्यम से त्योहारों के दौरान पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं को अपनाने तथा पूजा एवं अन्य गतिविधियों से उत्पन्न कचरे को कम करने का संदेश दिया गया।
करीम सिटी कॉलेज के स्नातक एवं स्नातकोत्तर वर्ग के विद्यार्थियों ने Scraptron सहित विभिन्न रचनात्मक मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं, वर्कर्स कॉलेज के विद्यार्थियों ने जैविक कचरे से जैविक खाद तैयार करने पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किया, जिससे जैविक अपशिष्ट के उपयोगी प्रबंधन की अवधारणा सामने आई।
लाइव वेस्ट-टू-आर्ट प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता -कार्यक्रम के दौरान लाइव वेस्ट-टू-आर्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के विद्यार्थियों ने निर्धारित 1 घंटा 30 मिनट के भीतर अपशिष्ट एवं अनुपयोगी सामग्रियों से उपयोगी और आकर्षक वस्तुएँ तैयार कीं। इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, नवाचार तथा उपलब्ध संसाधनों के रचनात्मक उपयोग की क्षमता को प्रदर्शित किया। लाइव प्रतियोगिता में करीम सिटी कॉलेज के विद्यार्थियों ने Pegasus मॉडल तैयार किया। अमर ज्योति हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने अनुपयोगी सामग्रियों से बर्ड हाउस, प्रोजेक्टर, पेन स्टैंड, वॉटर फिल्टर, वॉल हैंगिंग, कछुआ, टेडी बियर और फूल जैसी कलाकृतियाँ बनाईं। इन रचनाओं ने यह संदेश दिया कि रचनात्मक सोच के माध्यम से बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं को भी उपयोगी एवं आकर्षक उत्पादों में बदला जा सकता है।
विभिन्न विषयों पर प्रदर्शित किए गए मॉडल -विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत अन्य प्रमुख मॉडलों एवं कलाकृतियों में Bag from Waste, Clean & Green City, Waste Material Décor, Equation, Smart City Zero Waste, Waste to Wonder, Eco Sphere, RRR, Waste to Art, Regen Earth, ReGlow, 4-Way Waste Segregation, Pot Painting और Spaceship शामिल रहे। इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने कचरे के पुनः उपयोग, संसाधनों के संरक्षण, चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण, स्वच्छ शहरों के निर्माण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार जैसे विषयों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया।
चक्रीय अर्थव्यवस्था एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में पहल -इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि कचरे का उचित पृथक्करण, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण न केवल पर्यावरण प्रदूषण को कम कर सकता है, बल्कि अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलने के अवसर भी पैदा करता है। चक्रीय अर्थव्यवस्था की अवधारणा के अंतर्गत संसाधनों का अधिकतम उपयोग, वस्तुओं के जीवनकाल में वृद्धि और अंतिम निस्तारण के लिए भेजे जाने वाले कचरे में कमी लाना महत्वपूर्ण है।
मानगो नगर निगम की यह पहल शैक्षणिक संस्थानों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक साझा मंच पर लाकर सामूहिक जिम्मेदारी एवं व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करती है। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संबंधी समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने और स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कचरा केवल त्यागने योग्य वस्तु नहीं, बल्कि सही पृथक्करण, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण के माध्यम से एक उपयोगी संसाधन भी बन सकता है। नागरिकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल मानगो का निर्माण संभव है।






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