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Jamshedpur केपीएस कदमा में आयोजित चार दिवसीय युवा सम्मेलन ने आत्मचिंतन, सार्थक संबंधों और मानसिक दृढ़ता पर बल दिया ; कॉफी टेबल बुक का विमोचन की गई Four-day youth conference held at KPS Kadma emphasized self-reflection, meaningful relationships, and mental toughness; coffee table book released

 


Jamshedpur (Nagendra) भटकाव, भ्रम और बढ़ते दबावों से घिरे आज के संसार में केरला पब्लिक स्कूल्स शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ बच्चों के आंतरिक विकास को भी निरंतर महत्व दे रहा है। केरला पब्लिक स्कूल, कदमा में आयोजित 26वें ‘लेट्स मेक अ डिफरेंस’ (एलएमएडी) जमशेदपुर युवा सम्मेलन का समापन इसी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। सम्मेलन ने विद्यार्थियों को ठहरने, अपने भीतर झाँकने और जीवन को दिशा देने वाले मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान किया।


चार दिवसीय सम्मेलन ने बच्चों को स्वयं को समझने, माता-पिता और मित्रों के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भावनात्मक शक्ति और मानसिक दृढ़ता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। मौन, आत्मचिंतन और खुले संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों ने ईमानदारी, प्रेम, पवित्रता और निःस्वार्थ भाव जैसे मूल्यों को समझा तथा दैनिक निर्णयों और संबंधों में उनके महत्व को पहचाना।


सम्मेलन के चौथे और अंतिम दिन की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। विभिन्न धर्मों और समुदायों के स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों ने मौन के साझा क्षणों में एकता, सद्भाव और सौहार्द का अनुभव किया। सुबह के ‘क्वाइट टाइम’ सत्र में अहंकार तथा विचारों, व्यवहार और संबंधों पर उसके प्रभाव को समझने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके बाद कई विद्यार्थियों ने मंच पर अपने विचार और व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि अपने भीतर झाँकने की इस प्रक्रिया ने उनके जीवन को किस प्रकार प्रभावित किया। सुश्री श्रद्धा अग्रवाल ने प्रतिभागियों को एलएमएडी की जीवन-दृष्टि से परिचित कराया और उन समर्पित स्वयंसेवकों के योगदान को सराहा, जिनके प्रयासों ने इस चार दिवसीय अनुभव को सार्थक बनाया। ‘पावर ऑफ विज़न’ सत्र में सामूहिक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने जीवन के उद्देश्य और आकांक्षाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं, ‘द प्लेज’ के अंतर्गत उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।


सम्मेलन निदेशक विरल मजूमदार के साथ संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अपने दृष्टिकोण साझा किए। इसके बाद विद्यार्थियों ने ‘स्वयं को पत्र’ लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी सीख, आकांक्षाओं और व्यक्तिगत संकल्पों को दर्ज किया, ताकि सम्मेलन से प्राप्त अनुभव उनके दैनिक जीवन में भी मार्गदर्शक बन सकें।


श्री मजूमदार और स्वयंसेवकों की टीम ने अभिभावकों के साथ भी संवाद किया। इस बातचीत में सम्मेलन के दर्शन तथा घर में बच्चों की बात सुनने, उन्हें समझने और सहयोगपूर्ण संबंधों के माध्यम से जीवन-मूल्यों को विकसित करने के महत्व पर चर्चा हुई। समापन समारोह में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विजया भारत और मनोचिकित्सक श्री मनोज साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने सम्मेलन के प्रभाव को लेकर अपने अनुभव साझा किए। सुश्री श्रद्धा अग्रवाल ने चार दिनों की प्रमुख गतिविधियों, अनुभवों और सीख का सार प्रस्तुत किया।


‘लेट्स मेक अ डिफरेंस’ के संस्थापक न्यासी श्री बृजेश अरोड़ा ने आंदोलन के साथ अपने जुड़ाव और वर्षों के दौरान जमशेदपुर युवा सम्मेलन के विकास की यात्रा पर प्रकाश डाला। समारोह का विशेष आकर्षण कॉफी टेबल बुक “द जर्नी विदिन, द मूवमेंट बियॉन्ड” का विमोचन रहा। यह पुस्तक एलएमएडी जमशेदपुर युवा सम्मेलन की 25 वर्षों की यात्रा को समर्पित है। तस्वीरों, व्यक्तिगत अनुभवों और संस्मरणों के माध्यम से इसमें उन लोगों और घटनाओं को संजोया गया है, जिन्होंने इस आंदोलन को आकार दिया। पुस्तक के विमोचन ने एलएमएडी और केरला पब्लिक स्कूल, कदमा के दीर्घकालीन जुड़ाव तथा युवाओं को आत्मचिंतन, संवाद और विकास के अवसर प्रदान करने में विद्यालय के योगदान को भी रेखांकित किया।


मौके पर केरला पब्लिक स्कूल्स की अकादमिक निदेशक सुश्री लक्ष्मी आर. ने भावनात्मक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से दृढ़ बच्चों के निर्माण के प्रति केपीएस की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि बच्चों को सोच-समझकर सही और जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम बनाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से एक है। इसी उद्देश्य ने एलएमएडी के साथ विद्यालय के सहयोग को निरंतर बनाए रखा है और जमशेदपुर युवा सम्मेलन की 26 वर्षों की सफल यात्रा को बल दिया है। उन्होंने युवाओं को अपनी आंतरिक शक्ति पहचानने, संबंधों को गहरा बनाने और सार्थक मूल्यों के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देने के लिए एलएमएडी की टीम और समर्पित स्वयंसेवकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।


विद्यार्थी प्रमाणपत्रों, स्मृति-उपहारों, नई मित्रताओं और स्वयं तथा दूसरों के प्रति जिम्मेदारी के नए बोध के साथ विदा हुए। 26वें सम्मेलन ने एलएमएडी और केरला पब्लिक स्कूल्स के साझा विश्वास को फिर से पुष्ट किया कि आंतरिक विकास की सार्थक अभिव्यक्ति हमारे सुनने, प्रेम करने, कार्य करने और दूसरों की परवाह करने के तरीके में दिखाई देती है। सम्मेलन समाप्त हुआ, लेकिन उसका उद्देश्य आगे भी जीवित रहेगा—मजबूत पारिवारिक संबंधों, संवेदनशील मित्रताओं, मानसिक रूप से दृढ़ युवाओं और रोजमर्रा के करुणापूर्ण कार्यों में।



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