उनका अंतिम संस्कार वैल्लूर में ही किया जाएगा। सपन पाल अपने पीछे दो बेटियों समेत भरा परिवार छोड़ कर चले गए। उनके निधन पर विद्यालय प्रधानाध्यापक सुचित्रा कुंवर ने दुख प्रकट किया है। विदित हो कि 57 वर्षीय शिक्षक सपन पाल की सेवा तीन साल बची थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा परमाणु ऊर्जा केंद्र विद्यालय जादूगोड़ा में हुई, मेहनती व पढ़ाई में अव्वल सपन पाल ने अपनी काबिलियत के बदौलत जिस स्कूल से पढ़ाई की उसी स्कूल में शिक्षक बनाने का गौरव प्राप्त किया।
हंसमुख विचार के शिक्षक सपन पाल सबको रुलाकर भले ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी यादें सालों साल जादूगोड़ा वासियों के दिलो में शिक्षक के रूप भी उनकी उल्लेखनीय यादों को याद करेगी।

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