मेघाहातुबुरु स्थित मीना बाजार के मुख्य सड़क के किनारे नक्सली पोस्टर रख हुए फरार, Naxalite absconding with posters on the main road of Meena Bazaar in Meghahatuburu,
गुवा । किरीबुरु थाना पुलिस की कड़ी पेट्रोलिंग एवं एम्बुसिंग के बावजूद भाकपा माओवादी नक्सलियों ने 22 दिसम्बर की अहले सुबह मेघाहातुबुरु स्थित मीना बाजार के नीचे मुख्य सड़क के किनारे नक्सली पोस्टर रखकर फ…
गुवा। किरीबुरु थाना पुलिस की कड़ी पेट्रोलिंग एवं एम्बुसिंग के बावजूद भाकपा माओवादी नक्सलियों ने 22 दिसम्बर की अहले सुबह मेघाहातुबुरु स्थित मीना बाजार के नीचे मुख्य सड़क के किनारे नक्सली पोस्टर रखकर फरार हो गए। किरीबुरु के एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर, थाना प्रभारी फिलमोन लकड़ा, एसआई आर लकड़ा आदि पदाधिकारी नक्सली बंदी के मद्देनजर सुबह लगभग दो बजे तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गश्त व पेट्रोलिंग करते रहे। कुछ पुलिस मीना बाजार क्षेत्र में रात दो बजे तक एम्बुस लगाकर बैठी रही।
पुलिस के हटते ही मीना बाजार से महज 50 मीटर दूर मुख्य सड़क किनारे नक्सली पोस्टर रखकर गायब हो गये। संभावना जताई जा रही है कि कोई एक नक्सली प्रोस्पेक्टिंग हाटिंग के रास्ते पैदल आकर पोस्टर रख पुनः हाटिंग पूर्वी रीजनल द्वारा जारी पोस्टर में झारखंड-बिहार के संघर्ष इलाकों में प्रतिक्रांतिकारी सूरजकुंड रणनीतिक योजना के तहत जारी बर्बर हमलों के खिलाफ 16 से 22 दिसंबर तक देशव्यापी प्रचार-आंदोलन अभियान चलाने, 22 दिसंबर को एक दिन का भारत बंद सफल बनाने की बात लिखी गई है। कहा गया है कि नक्सल मुक्त झारखंड के नाम पर अगस्त, 2022 से लेकर अब तक लगातार हमारे बिहार-झारखंड एवं पूर्वी बिहार-पूर्वोत्तर झारखंड स्पेशल एरियाओं के आदिवासी बहुल संघर्ष इलाकों में हमारी पार्टी, जन मुक्ति छापामार सेना (पीएलजीए) एवं जन संगठनों के नेताओं, कार्यकर्ताओं, कमांडरों, लाल योद्धाओं को लक्षित कर झारखंड पुलिस, कोबरा, सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर के संयुक्त बलों द्वारा बड़े पैमाने पर दिन-रात लगातार बर्बर हमले किए जा रहे हैं।
आदिवासी जनता को भी इन हमलों का निशाना बनाया जा रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हरियाणा के सूरजकुंड चिंतन शिविर में देश को हिंदू राष्ट्र के एजेंडे को आगे बढ़ाने में आड़े आने वाली सभी ताकतों का सफाया खासकर वर्ग संघर्ष जनयुद्ध को खत्म करना इसका लक्ष्य है। वर्तमान में केंद्र एवं राज्य सरकारें इस योजना के तहत देश भर के हमारे प्रमुख संघर्ष इलाकों खासकर मध्य रीजन, स्पेशल एरिया व जोन में सैन्य बलों के कैंप स्थापित किए जा रहे है। लाखों की संख्या में सशस्त्र बलों को तैनात कर सघन गश्त अभियान, मुठभेड, गांवों पर हमले आदिवासी ग्रामीणों की बेदम पिटाई, झूठी मुठभेड़, अवैध गिरफ्तारिया, झूठे मामलों में फंसाकर जेलों में डाला जा रहा है। आदि बातें लिखी हुई है। हालांकि किरीबुरू पुलिस ने वहां से सभी बैनर पोस्टर उठाकर अपने साथ ले गई है।



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