नक्सली बंदी का असर सेल की खदानों से होने वाली लौह अयस्क पर दिखा, The effect of Naxalite ban was visible on the iron ore produced from SAIL mines.
गुवा । 22 दिसम्बर को नक्सली बंद के मद्देनजर किरीबुरु व सारंडा क्षेत्र में मिला-जुला असर देखने को मिला। बंदी में किरीबुरु से जमशेदपुर मार्ग की यात्री बसों का परिचालन जारी रहा। वहीं किरीबुरु से रांची व …
गुवा। 22 दिसम्बर को नक्सली बंद के मद्देनजर किरीबुरु व सारंडा क्षेत्र में मिला-जुला असर देखने को मिला। बंदी में किरीबुरु से जमशेदपुर मार्ग की यात्री बसों का परिचालन जारी रहा। वहीं किरीबुरु से रांची व मनोहरपुर मार्ग पर यात्री बसें नहीं चलीं। बंद की वजह से सेल की किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु खदान से होने वाली लौह अयस्क की ढुलाई प्रभावित रहा।
सूत्रों के अनुसार मेघाहातुबुरु खदान में रात्रि 12 बजे से रात्रि 1 बजे तक लगभग तीन रैक लौह अयस्क लोड कर लिया गया था। लोड रैक को ले जाने हेतु मालगाड़ी का इंजन मेघाहातुबुरु खदान में पहुंच गया। रैक भेजने की तैयारी चल रही थी कि डेरवा स्टेशन क्षेत्र में रेलवे ट्रैक उड़ाने की घटना की खबर फैलने के बाद रात्रि लगभग डेढ़ बजे चक्रधरपुर रेलवे के कंट्रोल रुम से विशेष संदेश आने के बाद लोड रैक को खदान से नहीं निकलने का आदेश दिया गया। इसके बाद उक्त खदानों से लौह अयस्क की ढुलाई सुबह 8 बजे तक ठप रही थी।
सेल अधिकारी सूत्र ने बताया कि डेरवां घटना की वजह से रेलवे के वरिष्ठ डीओएम से वार्ता के बाद रात में लोड रैक को रोका गया है। रेलवे हमलोग से ट्रैक लाईन फिटनेस लिया है। अब लोड रैक भेजा जायेगा।


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