Guwa (Sandeep Gupta) सारंडा के बहदा–कुमडीह गांव के बीच जंगल में 22 जनवरी की सुबह हुई भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये का इनामी कुख्यात नक्सली पतिराम मांझी उर्फ अनल दा मारा गया है। साथ ही 14 और भी नक्सली मारा गया है। मुठभेड़ स्थल से उसका शव बरामद कर लिया गया है, जिससे उसकी मौत की पुष्टि हो गई है। सूत्रों के अनुसार, अनल दा नक्सली संगठन का शीर्ष नेता और अनुभवी रणनीतिकार था। वह मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह जिले का रहने वाला था और बीते दो दशकों से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था। गिरिडीह, बोकारो, हजारीबाग, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में सुरक्षाबलों पर हुए हमलों में उसकी संलिप्तता रही है।
अनल दा पर सुरक्षाबलों पर हमले, आईईडी विस्फोट, लेवी वसूली और विकास कार्यों में बाधा डालने जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे। उसकी गिरफ्तारी या मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर झारखंड पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। 22 जनवरी की सुबह सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना पर सारंडा जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में अनल दा के साथ कुल 15 नक्सली मारा गया। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी उपलब्धि मान रही हैं। अनल दा के मारे जाने से सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क को गहरा झटका लगना तय माना जा रहा है।


No comments:
Post a Comment