Guwa (Sandeep Gupta) डीएवी पब्लिक स्कूल गुआ की प्राचार्या श्रीमती माधवी पांडेय के मार्गदर्शन में कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के छात्र-छात्राओं के लिए आशीर्वचन समारोह का आयोजन हवन–यज्ञ के साथ श्रद्धा विश्वास के साथ आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। धर्म शिक्षक आशुतोष शास्त्री एवं राजवीर सिंह के मंत्रोच्चारण के साथ हवन यज्ञ किया गया। हवन के दौरान विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं परीक्षा में सफलता के लिए कामना की गई। वैदिक मंत्रोच्चारण से विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को गुरुजनों द्वारा आशीर्वाद प्रदान किया गया तथा उन्हें अनुशासन, परिश्रम एवं आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा दी गई। आशीर्वचन समारोह विद्यार्थियों के जीवन में आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है एवं सफल बनाता है: *माधवी पांडेय
प्राचार्या श्रीमती माधवी पांडेय ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से जीवन में आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह समय छात्र-छात्राओं के लिए अपने आपको कड़ी मेहनत करने का समय है। विद्यार्थी अपने लक्ष्य को निर्धारित कर उसे हासिल करें। इसी कड़ी में प्राचार्या ने पंजाब केसरी लाला लाजपतराय के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे महान् राजनीतिज्ञ के साथ-साथ डीएवी संस्थान के एक स्तंभ थे उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।निरंतर प्रयास से सफलता निश्चित
*इतिहास के वरीय शिक्षक सह इंचार्ज पी .के आचार्या ने दसवीं एवं बारहवीं के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास करने से सफलता को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। यह समय छात्र-छात्राओं के लिए एक अच्छा समय है जिसका सद्पयोग कर इतिहास रचना है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। पीके आचार्या
इसी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की जयंती भी मनाई गई। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। एवं लाला लाजपत राय की जीवनी पर प्रकाश डाला गया। न केवल महान स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि वे डीएवी (दयानंद एंग्लो वैदिक) संस्था के प्रमुख स्तंभ भी रहे। उन्होंने डीएवी आंदोलन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देशभर में डीएवी शिक्षण संस्थानों के विस्तार हेतु अपना अमूल्य योगदान दिया। उनका मानना था कि वैदिक मूल्यों एवं आधुनिक शिक्षा के समन्वय से ही राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है। शिवम उपाध्याय कक्षा सातवीं ब ने इस विषय पर ओजस्वी भाषण प्रस्तुत किया। इस मौके पर कक्षा दसवीं एवं कक्षा बारहवीं के शिक्षक जयमंगल साव,अंजन सेन, आकांक्षा सिंह, अरविन्द साहू, सहित सभी शिक्षक शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।






































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