Jamshedpur (Nagendra) सोनारी स्थित दोमुहानी घाट पर दोमुहानी संगम महोत्सव 2026 को लेकर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया । इस अवसर पर मुख्य रूप से दोमुंहानी संगम महोत्सव संचालन समिति के सदस्य पर्यावरणविद मनोज सिंह, महामंडलेश्वर श्रध्येय अमरजीत गिल समाजसेवी शम्भु नाथ सिंह, उपेन्द्र कुमार मस्तान, शंकर रेड्डी, हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष रवि प्रकाश, उम्मीद एक अभियान के अध्यक्ष सुखदेव सिंह, पप्पू सिंह, मृत्युंजय जी, सोनू ठाकुर, वॉइस ऑफ़ हुमीनिटी के अध्यक्ष हरी सिंह राजपूत, आयोजन समिति के सदस्य अमर नाथ , अभिषेक जी, सन्नी सिंह, रोशन कुमार , इंद्रजीत सिंह, दीपक यादव ,आदित्य वर्मा, सुश्री शशि , श्रीमती दुर्गा देवी, सुश्री संतोषी साहू, सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पत्रकार वार्ता में उपस्थित सभी वक्ताओं ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए कहा कि आगामी 13 एवं 14 जनवरी 2026 को दोमुहानी घाट पर यह महोत्सव भव्य एवं दिव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के प्रथम दिन 13 जनवरी 2026 संध्या 3 बजे से महोत्सव का शुभारंभ नदी पूजन एवं पर्यावरण विषयक गोष्ठी से किया जाएगा, जिसमें उपस्थित नागरिकों को नदी स्वच्छता एवं महोत्सव का शुभारंभ नदी पूजन एवं पर्यावरण विषयक गोष्ठी से किया जाएगा, जिसमें उपस्थित नागरिकों को नदी स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। पर्यावरण पर आयोजित विशेष सत्र में आमंत्रित अतिथि अपने अनुभव एवं विचार साझा करेंगे। इसके पश्चात विद्यालयों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
कार्यक्रम की सांस्कृतिक संध्या में शहर के प्रसिद्ध लोक गायक सोनू सिंह दुलरुवा अपनी सुमधुर प्रस्तुति देंगे। साथ ही समाज व धर्म तथा पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली शहर की विभिन्न संस्थाओं के प्रमुखों को सम्मानित भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दूसरे दिन 14 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे से चित्रांकन प्रतियोगिता, महिलाओं द्वारा मेहंदी प्रतियोगिता एवं तत्पश्चात संध्या में मुख्य आकर्षण का केंद्र मां स्वर्णरखा की भव्य गंगा आरती होगी। इस अवसर पर जम्मू वाले बाबा का पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आरती से पूर्व एक विशेष नृत्य समूह द्वारा प्रस्तुति किया जाएगा। इसके पश्चात गंगा स्वरूपा मां स्वर्णरखा की भव्य आरती संपन्न होगी।
5100 दीपों से जगमगाएगा आरती स्थल -गंगा आरती के अवसर पर आयोजन समिति द्वारा दीपोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें 5100 दीपों से सम्पूर्ण नदी तट को सजाया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत एवं अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करेगा।
एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना -आयोजन समिति के अनुसार इस वर्ष कार्यक्रम में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से लगभग एक लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य नदी एवं पर्यावरण संरक्षण को धर्म, आस्था एवं संस्कृति से जोड़ते हुए सशक्त जनआंदोलन का रूप देना है। इसके साथ ही ऐसे परिवारों एवं बुजुर्गों के लिए, जो शारीरिक या आर्थिक कारणों से काशी, बनारस अथवा हरिद्वार जाकर गंगा आरती का दर्शन नहीं कर पाते, उनके लिए अपने ही शहर में एक दिन के लिए काशी-बनारस एवं हरिद्वार जैसा दिव्य अनुभव प्रदान करना भी इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।


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