Jamshedpur (Nagendra) साकची स्थित केनेलाइट होटल में शुक्रवार को केसर एस्ट्रोलॉजी संस्थान एवं एशियन एस्ट्रोलॉजर्स कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 32वें त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सेमिनार का शुभारंभ प्रातः 10:30 बजे हुआ। कार्यक्रम का उदघाटन बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं खेल मंत्री डॉ. आलोक रंजन ने किया। इस अवसर पर वे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे । उदघाटन सत्र में CASAR के निदेशक प्रो. डॉ. एस. के. शास्त्री के साथ-साथ देश-विदेश से आए अनेक वरिष्ठ एवं ख्याति प्राप्त ज्योतिषाचार्य मंचासीन रहे। ऑस्ट्रेलिया, बंगलादेश, नेपाल, कनाडा, श्रीलंका सहित विभिन्न देशों से आए सभी विद्वान ज्योतिषियों को मंच पर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों से भी बड़ी संख्या में ज्योतिष विशेषज्ञ, शोधार्थी एवं विद्यार्थी शामिल हुए।
मुख्य अतिथि डॉ. आलोक रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं है, बल्कि यह जीवन को संतुलित और सकारात्मक दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण शास्त्र है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में ज्योतिष, हस्तरेखा, अंकशास्त्र और वास्तु जैसे विषय आम लोगों को सही निर्णय लेने में सहायता कर सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ज्योतिष किसी घटना को रोक नहीं सकता लेकिन पूर्व आकलन के माध्यम से व्यक्ति को मानसिक रूप से तैयार कर उसके दुष्प्रभावों को सहने और कम करने की क्षमता अवश्य प्रदान करता है। उन्होंने CASAR टीम एवं इसके निदेशक प्रो. डॉ. एस. के. शास्त्री के सतत प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन परंपरा और आधुनिक सोच के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर प्रो. डॉ. एस. के. शास्त्री द्वारा अपने 33 वर्षों के शोध, अनुभव और साधना का सार के रूप में लिखित पुस्तक “आध्यात्मिक ज्योतिष” का मुख्य अतिथि द्वारा विधिवत विमोचन किया गया। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक विशेष रूप से ज्योतिष के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और गंभीर पाठकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी। साथ ही CASAR द्वारा प्रकाशित एक शोध-पत्रिका का भी विमोचन किया गया, जिसमें संस्था से जुड़े शोधार्थियों के चयनित शोध लेख संकलित हैं।
दोपहर के सत्र में प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी एवं केपी ज्योतिष पर विस्तृत चर्चा की गई। इस सत्र में शैलेन्द्र झा ने शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को समझने से जुड़े व्यावहारिक ज्योतिषीय सूत्र प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित विद्वानों ने सराहा। वहीं डॉ. अभिलाष ने नारी ज्योतिष के कुछ कम चर्चित पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किए। सत्र के अंत में प्रो. डॉ. एस. के. शास्त्री ने पूर्वजन्म, वर्तमान जीवन और आगामी जन्मों से जुड़े जीवन-शैली के स्वरूप को समझाने वाले अत्यंत गूढ़ ज्योतिषीय सूत्रों एवं रहस्यों से पहली बार पर्दा उठाया, जिससे उपस्थित विद्वान और शोधार्थी विशेष रूप से लाभान्वित हुए।
सेमिनार के अंतर्गत संध्या 5 बजे से आम नागरिकों के लिए निःशुल्क ज्योतिष परामर्श की व्यवस्था की गई, जिसमें जमशेदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर लाभ उठाया। यह त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ज्योतिष, हस्तरेखा, अंकशास्त्र, वास्तु एवं ज्योतिषीय उपायों पर गंभीर, उपयोगी और सार्थक विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभर रहा है।

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