Jamshedpur (Nagendra) बिष्टुपुर तुलसी भवन में चल रहे भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक रसिया बाबा ने व्यासपीठ से भागवत कथा के मंगल मय प्रसंग, महाभारत कथा, श्रृष्टि की उत्पति, कपिल देवहूति जी की कथा, सती चरित्र, शिव विवाह महोत्सव का प्रसंग विस्तार से सुनाया। शारणागति परिवार, जमशेदपुर द्धारा आयोजित भागवत कथा में कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा के ये सभी प्रसंग (सृष्टि, कपिल-देवहूति, सती चरित्र, शिव विवाह, महाभारत) श्रीमद्भागवत महापुराण और अन्य शास्त्रों के अत्यंत महत्वपूर्ण और मनमोहक अंश हैं, जो जीवन, भक्ति, वैराग्य, और ईश्वर-लीला के गूढ़ रहस्यों को समझाते हैं। भागवत कथा इन सभी प्रसंगों को एक साथ जोड़कर एक मंगलमय यात्रा कराती है, जिसमें सृष्टि की उत्पत्ति (ब्रह्मा से लेकर प्रलय तक), कपिल मुनि द्वारा माता देवहूति को ज्ञान, देवी सती का आत्मदाह और शिव-विवाह का विस्तार से वर्णन होता है, जो अंततः महाभारत की ओर ले जाता है।
इन कथाओं के माध्यम से उन्होंने जीवन का सार समझाया। कथावाचक ने कहा कि सती चरित्र और शिव विवाह का प्रसंग हिंदू पौराणिक कथाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें माता सती का अपने पिता प्रजापति दक्ष के यज्ञ में अपमानित होकर आत्मदाह करना और फिर पुनर्जन्म लेकर देवी पार्वती के रूप में शिव से विवाह करना वर्णित है, जो शिव-पार्वती विवाह के रूप में मनाया जाता है, जिसे महाशिवरात्रि के पर्व से भी जोड़ा जाता है। आज के मुख्य यजमान उषा-ब्रिज मोहन बागड़ी, गरिमा-तनय झवर, सुनीता-बिमल रिंगसिया, निर्मला-अरुण धूत थे। कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा।
कथा के तीसरे दिन शनिवार को धु्रव चरित्र, पुरंजन उपाख्यान, जड़भरत चरित्र, अजामिल कथा, श्री प्रहलाद चरित्र आदि प्रसंगों की व्याख्या सुमधुर भजनों के साथ की जाएगी। ब्रज चौरासी कोष यात्रा 22 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक निकलेगी। पावन सानिध्य रसिया बाबा महाराज और शरणागति परिवार, वृंदावन के तत्वावधान में निकलने वाली इस कोष यात्रा से कोई भी भक्तगण जुड़ना चाहते हैं, तो आपको सीधे शरणागति परिवार से इस नंबर 9837036490, 8477050001 पर संपर्क करना होगा, क्योंकि यह एक विशेष धार्मिक यात्रा है।

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