Guwa (Sandeep Gupta) किरीबुरू में झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ और सेल प्रबंधन के बीच स्थानीय समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा मेडिकल सुविधाओं की बदहाल स्थिति रहा। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने अस्पताल प्रबंधन और सेल अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अनैतिक कार्यों पर रोक नहीं लगी तो संगठन किसी भी हद तक जाने को तैयार है। बैठक में कर्मचारियों अथवा उनके आश्रितों की अस्पताल में मृत्यु होने पर शव को घर तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिलने का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया गया। संगठन ने इसे अमानवीय बताया। इस पर प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि आगे से शव को घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सेल प्रबंधन और अस्पताल की होगी। रेफर व्यवस्था में देरी, मरीजों को समय पर बाहर इलाज के लिए नहीं भेजना, उपचार का पूरा ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराना तथा डॉक्टरों की कमी और मशीनों के अभाव जैसे गंभीर सवाल भी उठाए गए।
संगठन के महामंत्री राजेन्द्र सिंधिया ने मेडिकल एथिक्स का हवाला देते हुए नियमों के तहत मरीजों को तत्काल रेफर करने की मांग रखी। अस्पताल प्रबंधन कई सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। बैठक में प्रबंधन ने कई मांगें स्वीकार कीं। मेडिकल ट्रैवलिंग अलाउंस को 5 हजार से बढ़ाकर 11 हजार रुपये किया गया। आईजीएच के लिए 12 सीटर एसी एम्बुलेंस सुविधा तथा एक नई एम्बुलेंस देने पर भी सहमति बनी। ठेका श्रमिकों को बकाया भुगतान नहीं होने और बिना कारण काम से बैठाने का मुद्दा भी गरमाया रहा। संगठन ने चेतावनी दी कि बिना नोटिस किसी श्रमिक को हटाने पर श्रम कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कई मुद्दों का समाधान निकाला गया, जिसे 1 मई श्रमिक दिवस से लागू करने की घोषणा की गई।


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