Jamshedpur (Nagendra) गोविंदपुर स्थित चित्रगुप्त भवन में टाटा पावर मजदूर यूनियन का प्रथम सम्मेलन बड़े उत्साह और जोश के साथ आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता AITUC के राज्य सचिव सह यूनियन के उपाध्यक्ष कॉमरेड अम्बुज कुमार ठाकुर ने की, जबकि AITUC के वरिष्ठ नेता कॉमरेड जयशंकर प्रसाद पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत झंडातोलन के साथ हुई, जहां उपस्थित सभी सदस्यों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने वर्तमान समय में लागू हो रही मजदूर विरोधी नीतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ठेका प्रथा, श्रम कानूनों में बदलाव और निजीकरण की नीति से मजदूरों के अधिकारों और भविष्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि ऐसे दौर में टाटा पावर मजदूर यूनियन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। यह संगठन केवल एक यूनियन नहीं, बल्कि मजदूरों के हक, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई का सशक्त मंच है। उन्होंने मजदूरों से आह्वान किया कि वे आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हों और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करें। सम्मेलन में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में मजदूर हितों की रक्षा के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा और हर स्तर पर उनकी आवाज को बुलंद किया जाएगा। अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को मजबूत करने और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
सम्मेलन के दौरान 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसके बाद 8 सदस्यीय सेक्रेटेरियट का चुनाव हुआ। इसमें ओमप्रकाश सिंह को अध्यक्ष, अम्बुज कुमार ठाकुर, सिताराम कामत और हिरा अरकने को उपाध्यक्ष, निगमानंद पाल को महासचिव, पवन कुमार को सचिव, राजेश सिंह को सहायक सचिव तथा शुभम तिवारी को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा कार्यकारिणी में धनंजय कुमार, मुगध हांसदा, संजीव प्रसाद, सुरेश तिवारी, अमरजीत कुमार, संतोष सिंह, जुन्नु सोरेन, विजयंती मार्डी, साजन हांसदा, रोशन दास, आलोक कुमार झा और इंद्रजीत कुमार को शामिल किया गया। सम्मेलन में AITUC के कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिनमें रामजीवन कामत, विक्रम सिंह, श्रवण कुमार, पिंकी सिंह, मुखिया सोनिका सरदार, मुकेश रजक, राजू सामद और रंजन यादव प्रमुख रूप से शामिल थे।

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