- सरयू राय और चक्रधरपुर डिवीजन के डीआरएम के बीच हुई बातचीत
- डीआरएम ने स्वीकारा, टाटानगर जंक्शन पर ट्रेने विलंब से पहुंच रही हैं; कारण भी बताया
- ट्रेनों की लेटलतीफी के आंकड़ों का विश्लेषण होगा, सोमवार को सरयू राय को मिलेगी रिपोर्ट
- आगामी 7 अप्रैल को धरना अपने निर्धारित समय और तय स्थल पर ही होगा
Upgrade Jharkhand News. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय और चक्रधरपुर डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक ने रविवार को मिले। दोनों के बीच टाटानगर जंक्शन से आने-जाने वाली यात्री रेलगाड़ियों की लेटलतीफी के विरोध में आगामी 7 अप्रैल को टाटानगर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर आयोजित नागरिक धरना के मसले पर बातचीत हुई। बातचीत में सीनियर डीसीएम, एरिया मैनेजर, डिवीजनल इंजीनियर, आरपीएफ प्रभारी आदि सामिल रहे। वार्ता में रेलवे अधिकारियों ने स्वीकार किया कि लंबे समय से यात्री गाड़ियां काफी विलंब से टाटानगर जंक्शन पहुंच रही हैं। उन्होंने विस्तार से इसका कारण बताया और कहा कि इसे दूर करने के लिए योजना पर काम हो रहा है। इसे पूरा होने में कुछ महीनों का समय लगेगा।
सरयू राय ने रेल अधिकारियों से स्पष्ट रुप से कहा कि 7 अप्रैल को हो रहे नागरिक धरना और आज आप लोगों से हो रही बातचीत का मुद्दा यह नहीं कि रेल विभाग आने वाले दिनों में कितनी योजनाएं लागू कर रहा है और इन्हें पूरा होने में कितना समय लगेगा। जनधरना का और इस परिप्रेक्ष्य में आपलोगों से हो रही वार्ता का उद्देश्य इतना ही है कि टाटानगर जंक्शन पहुंचने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी दो-चार दिनों में कैसे समाप्त होगी? इसके लिए आप लोगों के पास क्या योजना है? हमारा उद्देश्य सिर्फ सवारी ट्रेनों की लेटलतीफी को दूर करना है।
श्री राय ने रेल अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा कि विगत 3-4 महीनों में कौन-कौन सी महत्वपूर्ण ट्रेनें कितने विलंब से टाटानगर जंक्शन पहुंची और इस विलंब का कारण क्या है? चूंकि आपके पास रेलगाड़ियों के टाटानगर जंक्शन में पहुंचने के समय की पूरी सूचना वेबसाइट पर है, इसलिए आप आसानी से इन आंकड़ों का विश्लेषण करके इस बारे में जानकारी दें तथा यह बताएं कि उन कारणों को कैसे दूर किया जा सकता है? इस पर चक्रधरपुर डिवीजन के डीआरएम ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल (सोमवार) तक यह जानकारी श्री राय को उपलब्ध करा दी जाए। यह जानकारी मिल जाने पर पता चलेगा कि रेलगाड़ियों के टाटानगर जंक्शन पहुंचने में हो रहे विलंब को दूर किया जा सकता था या नहीं।
श्री राय ने बातचीत में रेलगाड़ियों के विलंब होने से जनता को हो रही पीड़ा के बारे में विस्तार से डीआरएम को बताया और कहा कि दो-चार दिनों में रेलगाड़ियों के विलंब से चलने की समस्या का आप प्रत्यक्ष समाधान करेंगे तो लोगों को भरोसा होगा कि रेलवे के अधिकारी उनकी तकलीफ के प्रति संवेदनशील हैं। इससे यह जानकारी भी मिल सकेगी कि कुछ मालगाड़ियों को आधा घंटा, चालीस मिनट तक रोक कर यात्री ट्रेनों को आगे बढ़ाया जाए तो लेटलतीफी कितनी दूर हो सकेगी।
सरयू राय ने डीआरएम से कहा कि लेटलतीफी दूर करने के रेल अधिकारियों द्वारा किये जा रहे वादे पर तब तक भरोसा नहीं कर सकते, जब तक इसे दो-चार दिनों के भीतर प्रत्यक्ष रुप में करके नहीं दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल सात अप्रैल को रेलवे स्टेशन पर घोषित धरना का कार्यक्रम जारी रहेगा। उम्मीद है कि इसके मद्देनजर रेलवे अधिकारी कल हमें सौंपे जाने वाले प्रतिवेदन में यह स्पष्ट कर देंगे कि यात्री गाड़ियों के परिचालन में लेटलतीफी दो-चार दिनों में दूर हो जाएगी।


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