Guwa (Sandeep Gupta) सेल प्रबंधन और संयुक्त मोर्चा के बीच बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को लेकर किरीबुरू जनरल ऑफिस में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सभी प्रमुख ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और बायोमेट्रिक प्रणाली की कानूनी, तकनीकी तथा श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में अंतिम फैसला आने तक पुरानी उपस्थिति व्यवस्था ही जारी रखी जाए। यूनियनों का कहना था कि वर्तमान प्रणाली को अभी तक प्रमाणन अधिकारी से स्वीकृति नहीं मिली है और यह प्रमाणित स्टैंडिंग ऑर्डर तथा श्रम कानूनों के अनुरूप भी नहीं है।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सिस्टम में 15 मिनट का ग्रेस पीरियड रखा गया है, जिसका प्रावधान न तो वर्तमान वेतन अधिनियम में है और न ही नए वेज कोड में। उनका कहना था कि बिना कानूनी आधार के इसे लागू करना कर्मचारियों के अधिकारों और वेतन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। बैठक में चाईबासा के सुलह अधिकारी की उस सलाह का भी उल्लेख किया गया, जिसमें कोर्ट का फैसला आने तक पुरानी व्यवस्था जारी रखने की बात कही गई थी। संयुक्त मोर्चा ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद 15 जून से बायोमेट्रिक लागू करने के प्रयास से चारों खदानों में अघोषित हड़ताल जैसी स्थिति बनी, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ। अंततः प्रबंधन को मौखिक रूप से अपना सर्कुलर वापस लेना पड़ा। यूनियनों ने दोहराया कि वे बायोमेट्रिक के विरोधी नहीं, बल्कि इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत लागू करने के पक्षधर हैं।

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