Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Jamshedpur तुलसी भवन बिस्टुपुर में स्वदेशी जागरण मंच का जिला सम्मेलन आयोजित District conference of Swadeshi Jagran Manch organized at Tulsi Bhawan, Bistupur

 


Jamshedpur (Nagendra) स्वदेशी जागरण मंच, जमशेदपुर महानगर का जिला सम्मेलन बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर पश्चिम के लोकप्रिय विधायक  सरयू राय उपस्थित रहे तथा मुख्य वक्ता के रूप में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख अन्नदा शंकर पनिग्रही  ने अपने विचार रखे। सम्मेलन में जमशेदपुर महानगर के लगभग 450 स्वदेशी समर्थक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।


उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि सरयू राय ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में स्वदेशी केवल एक विचार नहीं, बल्कि देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता का आधार है। प्रारंभ में कई लोगों को लगता था कि यदि हम स्वदेशी तक सीमित रहेंगे तो हम विकास की दौड़ में पीछे रह जाएंगे, लेकिन आज यह स्पष्ट हो गया है कि स्वदेशी केवल आत्मनिर्भरता ही नहीं, बल्कि संतुलित और सुरक्षित विकास का मार्ग है। उन्होंने कहा कि अंधाधुंध उपभोग और विदेशी निर्भरता के कारण हमारे प्राकृतिक संसाधनों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। यदि हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भारत बनाना है, तो स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और टिकाऊ विकास को अपनाना अनिवार्य है। आज पूरी दुनिया United Nations द्वारा निर्धारित 2030 के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स की बात कर रही है।


 इससे पहले 2000 से 2015 तक मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स भी निर्धारित किए गए थे, लेकिन वे पूरी तरह सफल नहीं हो सके। सस्टेनेबल डेवलपमेंट का अर्थ है— हम जितने संसाधनों का उपयोग करें, उतना ही भविष्य के लिए बचाकर रखें। महात्मा गांधी जी ने भी कहा था— "पृथ्वी पर हर व्यक्ति की आवश्यकता पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन किसी एक के लालच के लिए नहीं।" इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए मैं कहना चाहूँगा कि हमें “सस्टेनेबल डेवलपमेंट” के स्थान पर “सनातन डेवलपमेंट” शब्द का उपयोग करना चाहिए। सनातन विकास का अर्थ है— नित्य (सतत), नूतन (नवीनता के साथ), चिरंतन (परंपरा से जुड़ा हुआ)। मुख्य वक्ता  अन्नदा शंकर पनिग्रही ने स्वदेशी की व्यापक अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि स्वदेशी केवल वस्तुओं के उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन के हर क्षेत्र—भाषा, भोजन, वेशभूषा, व्यवहार और विचार—में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि उद्यमी बनकर रोजगार देने वाले बनें। 


उन्होंने “अंत्योदय” की अवधारणा पर बल देते हुए कहा कि विकास तभी सार्थक होगा जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसका लाभ पहुँचे। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे स्वदेशी अपनाएं, स्थानीय उत्पाद खरीदें, छोटे व्यापारियों को बढ़ावा दें, जरूरत के अनुसार जीवन जिएं, देशभक्ति को व्यवहार में लाएं तभी भारत एक आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बन सकता है । सम्मेलन में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने, छोटे व्यापारियों के संरक्षण तथा भारतीय संस्कृति और मूल्यों के संवर्धन पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान विकास मॉडल पर भी प्रश्न उठाए और कहा कि केवल उपभोग आधारित विकास हमें पर्यावरण संकट की ओर ले जा रहा है। उन्होंने “सस्टेनेबल डेवलपमेंट” के साथ-साथ “सनातन विकास” की अवधारणा को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें प्रकृति और विकास के बीच संतुलन बनाए रखा जाता है।स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने, छोटे व्यापारियों के संरक्षण तथा भारतीय संस्कृति और मूल्यों के संवर्धन पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि आज पुरे देश में रोजगार की समस्या जो उत्पन्न हुई है उसका निदान स्वरोजगार से होगा जिसको पूरा करने में हमारा मंच mysba पटल से अनेको परियोजना का मॉडल उपलब्ध करा कर करता है।


सरकारी आंकड़ों के अनुसार हम दुनिया की पांचवीं अर्थव्यवस्था है लेकिन प्रति व्यक्ति आय के अनुसार हम 142 वे स्थान में है। हम पुरे विश्व की जनसँख्या के लगभग 18.5% है लेकिन विश्व की कुल आमदनी का 3.5 % आय का अर्जन ही हम कर पा रहे हैं।  इस परिदृश्य से निपटने के लिए हमे दो प्रमुख काम करने होंगे - पहला जितने उत्पाद का भारतीय विकल्प यदि हमारे पास है तो हमे उसे ही लेना चाहिए और दूसरा हमारी शिक्षा पद्धति में अनुसंधान सम्बंधित विषयों एवं प्रोजेट्स को जोड़ना होगा।  साथ ही हमारी सारी भारतीय कंपनियां रिसर्च एंड डेवलपमेंट में यदि अपना ध्यान बढ़ा दे तो आने वाले समय में हम भी चीन, अमेरिका और यूरोप जैसे विक्सित देशो को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।  ऐसा हमने सुरक्षा के छेत्र में कर के भी दिखाया है। उन्होंने कहा की आज से 400 साल पहले पहले सारी दुनिया की आय मूलतः कृषि आधारित थी। आज अमेरिका लगभग 7.7 ट्रिलियन डॉलर रॉयलिटी से कमाता है जिसका प्रमुख वजह उसकी शिक्षा , कौशल विकास और अनुसंधान है। वर्तमान में हम भी इन छेत्रों को केंद्रित कर कार्य करने का प्रयास कर रहे हैं।  लेकिन बतौर ज़िम्मेदार नागरिक हमे सरकार से इन विषयों पर जोर देने की मांग भी करनी होगी और स्वयं भी इसमें उनका सहयोग करना होगा , तभी जा कर हमारा देश बनेगा समृद्ध एवं वैभवशाली। उद्घाटन सत्र का संचालन प्रांत के युवा प्रमुख पंकज सिंह ने किया। स्वागत भाषण जिला संयोजिका श्रीमती राजपती देवी ने दिया । विषय प्रवेश प्रांत के प्रचार प्रमुख अमित मिश्रा ने कराया तथा धन्यवाद ज्ञापन विभाग संयोजक राज कुमार शाह ने किया।


सम्मलेन के अंतिम सत्र में सांगठनात्मक एवं आगामी कार्यक्रम सम्मेलन के अंत में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी को अपनाएंगे, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देंगे तथा समाज में स्वदेशी जागरण के इस संदेश को व्यापक स्तर पर पहुँचाएंगे। सम्मलेन के अंत में नये दायित्व भी दिए गए जो इस प्रकार से है- डा० अजय पाठक - जिला विचार सह प्रमुख, श्रीमती आभा - जिला प्रचार प्रसार सह प्रमुख,  विनय कुमार शर्मा - जिला पर्यावरण सह प्रमुख, प्रवीण सिंह - सह संपर्क प्रमुख, मनोज सखुजा - जिला कार्यालय प्रमुख, श्रीमती शारदा सिंह - जिला कार्यालय सह प्रमुख, श्रीमती सरोज सिन्हा - जिला महिला प्रमुख, श्रीमती आशा सिंह - जिला महिला सह प्रमुख, श्रीमती रिंकु दुबे - जिला महिला सह प्रमुख, श्रीमती ममता सिंह - जिला महिला सह प्रमुख, अभय सिंह - जिला वरिष्ठ नागरिक आयाम प्रकोष्ठ, उमेश सिंह - मानगो नगर संयोजक,  सुखदेव सिंह - सोनारी नगर संयोजक, राजेश सिंह - साकची नगर संयोजक, राजू महतो - कदमा नगर संयोजक, श्रीमती जयंती हेमा - बिष्टुपुर नगर संयोजक, राकेश सिंह - उलीडीहनगर संयोजक, सुनील गुप्ता - बारीडीह नगर संयोजक, मनोज गुप्ता - परसुडीह नगर संयोजक, एस.के. सिंह - बिरसानगर संयोजक, रमेश कुमार सिंह - जुगसलाई नगर संयोजक, विश्वजीत पांडा - गोलमुरी नगर संयोजक, राजू दुबे - गोविन्दपुर नगर संयोजक, सचिन पोद्दार - बागबेडा नगर संयोजक, मिलन कुमार - बर्मामाइंस नगर संयोजक, सुकु प्रमाणिक - मानगो नगर युवा प्रमुख, तपन सरकार - मांगो नगर सह संयोजक।


कार्यक्रम में प्रमुख कार्यकर्ताओं में संजीत प्रामाणिक, सुनील गुप्ता, राजा राम, सुनील प्रसाद, मुकेश बधानी, हरिदास नायर, गुरजीत सिंह, अभिषेक बजाज, संजीत सिंह, विकास जायसवाल, विकास साहिनी, मुकेश ठाकुर, किरणजीत कौर, एम भवानी, संजना सिंह, छबि रानी, रचना सिंह, उमा शर्मा के अलावा अच्छी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अन्य प्रमुख वक्ताओं में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह पर्यावरण प्रमुख बन्दे शंकर सिंह और राष्ट्रीय परिषद सदस्य मनोज सिंह रहे।



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU

-ADVERTISEMENT-

.