Jamshedpur (Nagendra) 'सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन' द्वारा संस्थान के प्रयाग कक्ष में मासिक कार्यक्रम "कथा मंजरी" आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के मानद महासचिव डाॅo प्रसेनजित तिवारी तथा संचालन , साहित्य समिति की वसंत जमशेदपुरी ने की, जबकि धन्यवाद ज्ञापन साहित्य समिति के सचिव डाॅo अजय कुमार ओझा ने किया। दीप प्रज्वलन के साथ समारोह की शुरुआत हुई। सरस्वती वंदना नीलाम्बर चौधरी ने प्रस्तुत किया। स्वागत वक्तव्य साहित्य समिति के कार्यकारी अध्यक्ष डाॅ० यमुना तिवारी व्यथित ने दिया। तदनुपरांत 'कथा मंजरी' के मौके पर विभिन्न विषयों को स्पर्श करती हुई कुल 13 कहानियों का पाठ किया गया, जिसकी समीक्षात्मक टिप्पणी कथा पाठ के उपरान्त डाॅo प्रसेनजित तिवारी ने अपनी अध्यक्षीय वक्तव्य के दौरान की।
जो इस प्रकार है - ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र- एक अधिकारी की आत्मीयता, अशोक पाठक स्नेही- रक्तदान महादान, सुरेश चन्द्र झा- मां, डाॅ० अरुण कुमार शर्मा- श्रेष्ठ कौन, श्रीमती ममता कर्ण- क्या हुआ होगा, श्रीमती स्मृति पाण्डेय चौबे- सैमसंग एम फिफ्टी वन, श्रीमती अरुणा झा- नई शाॅल, श्रीमती वीणा कुमारी नंदिनी- नि: संतान, श्रीमती प्रणति शरण- सम्मान का सच, श्रीमती आलोक मंजरी- शक्ति और संघर्ष, डाॅo एन.के. सिंह- तैरना सीखो, डाॅo अनीता निधि- सेल्फी जुनून, वसंत जमशेदपुरी- हां, हो गया.
इस अवसर पर मुख्य रुप से सर्वश्री / श्रीमती डाॅo रागिनी भूषण, प्रसन्न वदन मेहता, डाॅ० यमुना तिवारी 'व्यथित', डाॅo अजय कुमार ओझा, नीलिमा पाण्डेय, अशोक पाठक स्नेही, बलविन्दर सिंह, हरभजन सिंह रहबर, जितेश कुमार तिवारी , वीणा कुमारी नंदिनी सहित अनेक साहित्यकारों की उपस्थिति रही।


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