Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Jamshedpur सच्चे मन से लिया गया प्रभु का नाम घोर पापों को भी कर सकता हैं नष्ट-सीताराम शास्त्री The name of the Lord, taken with a true heart, can destroy even the gravest sins - Sitaram Shastri

 


Jamshedpur (Nagendra) बिष्टुपुर सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को भागवत-भूषण परम पूज्य कथा वाचक सीताराम शास्त्री नेे अजामिल उद्धार, भक्त प्रहालद चरित्र एवं नरसिंह अवतार प्रसंग की महिमा का गुणगान करतेे हुए कहा कि ये कथाएं ईश्वर की असीम कृपा, क्षमा और अनन्य भक्ति की शक्ति को दर्शाती हैं। उन्होंने इन सभी कथाओं के माध्यम से जीवन का महत्व समझाते हुए कहा कि सच्चे मन से लिया गया प्रभु का नाम घोर पापों को भी नष्ट कर सकता हैं। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा के ये चरित्र हमें भक्ति, वैराग्य और ईश्वर-विश्वास का मार्ग दिखाते हैं, जहाँ धु्रव ने तपस्या से, जड़ भरत ने वैराग्य से और प्रहलाद ने अटूट भक्ति से मोक्ष पाया, जबकि अजामिल ने अंत समय में नाम स्मरण से उद्धार पाया, ये सभी कथाएँ जीवन में धर्म और सत्य के पालन का महत्व बताती हैं। 


कथावाचक ने प्रह्लाद चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि हिरण्यकशिपु के पुत्र प्रह्लाद की अटूट भक्ति, धर्म और अधर्म के बीच के संघर्ष और अंततः भगवान नरसिंह के अवतार का वर्णन करता है, जहाँ प्रह्लाद के पिता द्वारा अनेकों यातनाएँ देने के बाद भी उनकी भक्ति डिगती नहीं, और भगवान उन्हें बचाने के लिए खंभे से प्रकट होकर हिरण्यकशिपु का वध करते हैं, जो भक्ति की शक्ति और ईश्वर के संरक्षण को दर्शाता है। कथावाचक ने कहा कि अजामिल की कथा भागवत पुराण की एक प्रसिद्ध कथा है जो बताती है कि एक पापी व्यक्ति भी भगवान के नाम के स्मरण से मोक्ष पा सकता है। धु्रव चरित्र की कथा भी भगवान की अटूट भक्ति और तपस्या की प्रेरणादायक कहानी है। धु्रव ने कठोर तपस्या से भगवान विष्णु को प्रसन्न किया, जिससे उन्हें धु्रव तारे के रूप में अमर स्थान और संसार में राजपद प्राप्त हुआ, जो अटूट निष्ठा और एकाग्रता का प्रतीक है।


कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। कथा के चौथे दिन शनिवार को श्री वामन अवतार, श्री राम जन्म, श्री कृष्ण जन्मोत्सव आदि प्रसंगों की व्याख्या की जाएगी। इसका आयोजन सामाजिक एवं धार्मिक संस्था सोनारी भजन संध्या की महिलाओं द्वारा किया जा रहा हैं। 3 जून से शुभारंभ हुआ भागवत कथा का समापन 9 जून को होगा। तीसरे दिन शुक्रवार को यजमान के रूप में निर्मला-श्रवण अग्रवाल, सरिता-संजय अग्रवाल, रजनी मित्तल, बीना-संतोष अग्रवाल, मंजू-अजय मुसद्दी, बीना-मनोज शर्मा, कृष्णा-राजेंद्र अग्रवाल समेत काफी संख्या में भक्तगण शामिल थे।



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU

-ADVERTISEMENT-

.