Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Bhopal क्यों चर्चा में है आईएएस दिव्या मित्तल का इस्तीफा Why is IAS Divya Mittal's resignation in the news?

Upgrade Jharkhand News.  कहा जाता है कि सितारों से आगे भी एक जहां होता है। संभवतः उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अब ऐसे ही किसी मुकाम को छूने का मन बना चुकी हैं। दिव्या मित्तल ने बीते रविवार, 30 अगस्त 2026 को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। वर्तमान में वह राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखकर अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की। इस्तीफे से सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले में राज्यपाल को पत्र लिखकर अधिकारियों के सम्मान की रक्षा की मांग की है। वैसे मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकीं दिव्या मित्तल अपने कार्यकाल और जनसरोकार से जुड़े कार्यों को लेकर चर्चा में रही हैं।


हमारे देश में यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए हर साल लाखों बच्चे तैयारी करते हैं। हर साल लगभग 11 से 13 लाख छात्र यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं। 2,500 से 3,000 छात्र साक्षात्कार के लिए चुने जाते हैं और अंत में लगभग 800 से 1,000 उम्मीदवारों का चयन अंतिम सूची में होता है। दर्जनों अभ्यर्थी हर साल इस प्रतियोगी परीक्षा में असफल रहने पर अवसादग्रस्त होकर कई बार आत्महत्या तक कर लेते हैं। यह सब बताने का मकसद सिर्फ इतना है कि जिस भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होने के लिए करीब पंद्रह लाख युवा हर साल सपना देखते हैं, दिन-रात भूख-प्यास, त्योहार-उत्सव की चकाचौंध से किनारा कर सिर्फ एक नियुक्ति को जीवन का उद्देश्य बना लेते हैं, यदि उसी सेवा की एक अधिकारी, जिसकी 17 साल की सेवा बाकी हो और जिसे कई पदोन्नति मिल सकती है, पूरे होशो-हवास में 13 साल की सर्विस के बाद इस्तीफा दे दे तो इसे किस तरह देखा जाएगा?  आप जानते हैं कि सिर्फ शोहरत और दौलत हासिल कर लेना ही कई बार व्यक्ति को आत्मसंतुष्टि नहीं दे पाता। जिसे हासिल नहीं होता, वह उसे खोजने-पाने के लिए बेचैन रहता है, लेकिन जिसे हासिल हो जाता है, उसे वह कई बार मिथ्या नजर आता है।


दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी रह चुकी हैं। मई के पहले सप्ताह में उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व विभाग में तैनात किया गया था। डीएम पद से हटाए जाने के बाद उनकी कुछ सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में रही थीं। अब उनके इस्तीफे के बाद एक बार फिर उनकी कार्यशैली, पिछली तैनातियों और इस्तीफे की वजह को लेकर बहस शुरू हो गई है। फिलहाल इस्तीफे की असली वजह पर दिव्या मित्तल की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। आईएएस दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की निवासी हैं, लेकिन उनका जन्म दिल्ली में हुआ। उनकी पढ़ाई भी दिल्ली में ही हुई। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए किया। इसके बाद उनकी शादी हो गई। उनकी और उनके पति गगनदीप सिंह की लंदन में बहुत अच्छे पैकेज पर नौकरी लग गई थी, लेकिन देश-प्रेम के कारण वह वहां ज्यादा दिन नहीं रह पाईं। पति-पत्नी ने इस्तीफा देकर लंदन से वापस लौटने का फैसला किया। दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह ने भी यूपीएससी क्वालीफाई किया और 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (Indian Trade Service) अधिकारी के रूप में केंद्र सरकार में सेवा दी। उन्होंने वर्ष 2022 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। दोनों का एजुकेशनल और प्रोफेशनल बैकग्राउंड बेहद प्रभावशाली रहा है।


हालांकि, दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जनसेवक अंदाज में अपनी भावनाएं प्रकट कीं। उन्होंने लिखा, 'आज मैंने 13 सालों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए आईएएस से त्यागपत्र दे दिया है। साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ने के बाद लंदन में नौकरी लग गई। लेकिन सब कुछ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताकत, सब इस मिट्टी का कर्ज था मुझ पर। वो कर्ज चुकाना था।' आईएएस अधिकारी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, 'बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मिर्जापुर ने सिखाया कि असंभव कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है।' दिव्या मित्तल ने अपनी भावुकता भरी पोस्ट में लिखा, 'मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आई हूं। सच यह है कि सबसे ज्यादा मैंने ही पाया है।'


अभी दिव्या मित्तल के इस्तीफे को निर्धारित प्रक्रिया के तहत केंद्र व राज्य सरकार के निर्णय से गुजरना होगा। सरकार चाहे तो उनका इस्तीफा अस्वीकार भी कर सकती है। मीडिया पर जो खबरें आ रही हैं, उनमें कुछ रिपोर्ट्स में दिव्या मित्तल को बहुत महत्वाकांक्षी बताया जा रहा है और उनके राजनीति में जाने की चर्चा है, जिसका एक कारण उनका मिर्जापुर से जुड़ा कार्यकाल बताया जा रहा है। हालांकि, यह फिलहाल सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही अटकलें हैं। फिलहाल तो दिव्या मित्तल ने स्वयं राजनीति में जाने से इनकार किया है। मनोज कुमार अग्रवाल



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU