गुवा । गुवा पंचायत के बच्चों को बाल श्रम से दूर करने के लिए सभी ग्रामीण,स्वयं सहायता समूह के महिला,पंचायत के प्रतिनिधि ,मुखिया, मुंडा और पंचायत सामिति सदस्य तथा गुवा थाना प्रभारी अनिल कुमार यादव एवं पुलिस बल के जवान के साथ गुवा राम नगर स्थित एसबीआई बैंक के समीप रैली निकाल कर सभी को जागरूक किया गया।
साथ ही बच्चों के अधिकार को सुनिश्चित करने में सभी का सहयोग होना चाहिए। यदि उसके अधिकार से वंचित करते हैं तो बच्चो का विकास,भागीदारी में सबकी जिम्मेदारी होनी चाहिए, नही तो उनके साथ भविष्य के साथ-साथ देश भी अंधकार में चला जायेगा। इस दौरान सभी को हिदायत दिया गया कि दोबारा बच्चों को श्रम करवाते हुए देखा जाएगा तो कानूनी प्रक्रिया के तहत शख्त करवाई की जाएगी।
साथ ही गुवा थाना प्रभारी अनिल कुमार यादव ने गुवा बाजार स्थित सभी दुकानदारों को सख्त निर्देश दिया गया कि 14 साल से कम उम्र तक के बच्चे से काम ना कराएं, उनके अभिभावक से बात कर उन्हें स्कूल भेजें। आज के लिए यह वार्निंग है। कल से दुकानों में बच्चों से बाल श्रम करवाते पाया गया तो तुरंत ही उनके माता-पिता को बुलाकर दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।
यह जागरूकता रैली गुवा रामनगर से निकलकर गुवा बाजार, रेलवे मार्केट होते हुए वापस एसबीआई के समीप समाप्त हुआ। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी अनिल कुमार यादव ने कहा कि यह सभी की जिम्मेदारी है कि बच्चों से बाल श्रम ना करवाएं, सभी बच्चों को स्कूल भेजें। बच्चों से बाल श्रम करवाने से बच्चों की शिक्षा नहीं हो पाती है। और बच्चे बाल श्रम करने से जो पैसे मिलते हैं उनसे बच्चे गलत काम करने लग जाते हैं। जैसे नशा पान, चोरी और यह आगे चलकर यह बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
इसके लिए छोटे बच्चों को शिक्षित करना बहुत ही जरूरी है। साथ ही लोगों को जागरूक करते हुए आगे कहा कि वैसे बच्चे जिससे बाल श्रम करवाए जा रहे हैं उसकी सूचना पुलिस को दें गुप्त तरीके से दें, ताकि उसका नाम उजागर ना हो और पुलिस उस दुकानदार के ऊपर कार्रवाई कर सकें। साथ ही देखा जाता है कि गुवा के सुदूरवर्ती गांवों में छोटे-छोटे बच्चों को बाल विवाह करा दे रहे हैं इसे भी रोकना अत्यंत ही आवश्यक है। क्योंकि छोटे बच्चे को बाल विवाह कराने से वह पूरी तरह परिपक्व नहीं होते हैं। बाद में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इसके साथ ही विभिन्न गांव में आज भी ग्रामीण क्षेत्र के लोग बीमार पड़ने पर अस्पताल ना ले जाकर ओझा गुनी से झाड़-फूक करवाते हैं। जिसके कारण मरीज मौत के मुंह में चले जाते हैं। ऐसे लोगों को भी जागरूक करने की जरूरत है। डायन प्रथा भी आज भी कई गांव में प्रचलित है जिसके तहत डायन बताकर ग्रामीणों की हत्या कर दी जाती है। इन्हीं अंधविश्वास को दूर भगाना है। तभी देश आगे बढ़ सकता है और लोगों को शिक्षित कर सकते हैं। शिक्षा ही एक ऐसा मंत्र है जिससे लोगों में फैले अंधविश्वास को दूर किया जा सकता है।
इस दौरान मौके पर थाना प्रभारी अनिल कुमार यादव, पूर्वी पंचायत मुखिया चांदमनी लागुरी, पश्चिमी पंचायत मुखिया पद्मिनी लागुरी, बाल अधिकार सुरक्षा मंच सलाहकार शंकर दास, स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष संयोगि देवी, सचिव शांति कुमारी,सुमी दास, आंगनवाड़ी साहिया सफीरा समद,छिपरी पूर्ति, लक्ष्मी देवी, एस्पायर से बेनुधर पान, विनीता पान, जेंडर सीआरपी गीता देवी, ममता देवी सहित काफी संख्या में महिलाएं मौजूद थे।


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