गुवा । सिविल ऑफिस मेघाहातुबुरु के पीछे टीओपी हाटिंग में रहने वाली अत्यन्त गरीब व बीमार वृद्धा चांदमनी लागुरी (75) की इलाज के दौरान सेल अस्पताल किरीबुरू में मौत हो गई। सबसे अहम बात यह है कि मृतका की एक 35 वर्षीय बेटी है जो मानसिक रूप से बीमार है। वृद्धा का अंतिम संस्कार करने वाला भी कोई नहीं है। इसकी जानकारी मिलने पर समाजसेवी संतोष कुमार पंडा हर बार की तरह इस बार भी मदद को आगे आए।
उन्होंने हाटिंग के कुछ युवकों जैसे बिरसा, गणेश, लक्ष्मण, टुन्नू, राकेश आदि के साथ मिलकर कब्र खुदवाया और अंतिम संस्कार किया। संतोष पंडा ने बताया कि मृतका चांदमनी पिछले पंद्रह दिन से बीमार एवं भूखी थी। इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने 2 जुलाई को सेल अस्पताल वृद्धा को अस्पताल में उसे भर्ती कराया और जरूरी दवाइयां व अन्य सामान उपलब्ध कराया।
चिकित्सकों के कहने पर एक यूनिट रक्त की व्यवस्था भी की। उसका सरकारी राशन कार्ड भी था परंतु वह बीमार व कमजोर होने के कारण राशन नहीं उठा पाती थी। पहले लोगों के घरों में मजदूरी कर अपना व बेटी का भरण-पोषण करती थी। चांदमनी लागुरी की बेटी की दिमागी स्थिति का गलत फायदा उठाकर पूर्व में समाज के कुछ दूराचारियों ने उसे हवस का शिकार बनाकर दो बार गर्भवती कर दिया था।
इस घटना के बाद उसके दो बच्चे भी हुए। अपनी बेटी के दोनों बच्चों को चांदमनी ने बाहरी अज्ञात लोगों को सौंप दिया। संतोष पंडा ने जिला पुलिस-प्रशासन व सरकार से आग्रह किया है कि मानसिक रूप से बीमार बेटी को रांची स्थित सीआईपी अथवा रिनपास में भर्ती कराया जाए ताकि उसका इलाज हो सके।

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