इस वजह से हताश होकर भाजपा नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। राज्य के भाजपा लीडर्स बौखलाहट में जिस प्रकार की हरकतें कर रहे हैं वह काफ़ी हास्यास्पद है। भाजपा नेता रमेश हांसदा द्वारा अनशन कार्यक्रम भी इसी नौटंकी का एक हिस्सा है। श्री हांसदा को मालूम होना चाहिए कि हुदू-डूमरा पथ का मामला मंत्री चंपई सोरेन के संज्ञान में बहुत पहले से है और प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा राजनगर में डिग्री कॉलेज स्थापना का बहुप्रतीक्षित मुद्दा भी माननीय मंत्री जी के संज्ञान में है और इसके लिए भी पहल की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य द्रुत गति से विकास के पथ पर अग्रसर है। राज्य सरकार एक के बाद एक नये कीर्तिमान गढ़ते हुए मील का पत्थर स्थापित करती जा रही है। इन सब चीजों को देखकर भाजपा अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है और निराशा में अनाप-शनाप हरकतें कर रही है। रमेश हांसदा जी एक वरीय नेता हैं और उन्हें इस प्रकार की बचकानी हरकतों से बचना चाहिए।
अन्यथा आनेवाले समय में राज्य में भाजपा का नामोनिशान मिट जाएगा। डॉ महतो ने आगे कहा कि वे भाजपा नेताओं की सद्बुद्धि के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं और साथ ही भाजपा नेताओं से आग्रह करते हैं कि आदिवासी-मूलवासी के हित में हेमंत सोरेन सरकार का सहयोग करें, न कि ऊल-जलूल हरकतों से अपनी फजीहत कराएं।

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