चक्रधरपुर। वैष्णव साईं अपार्टमेंट फ्लैट में लिफ्ट के नीचे दबकर फ्लैट में सिक्योरिटी गार्ड की मौत के बाद गुरुवार को उसकी शोक को पोस्टमार्टम करके पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। परिजनों एवं ग्रामीणों ने मामले को लेकर चक्रधरपुर थाना में हत्या की आशंका जताते हुए जांच करने की मांग की और थाना में लिखित शिकायत दर्ज की है। जानकारी के अनुसार चक्रधरपुर शहर के कुसुमकुंज मोड़ समीप बंगाली टोला स्थित वैष्णव साईं अपार्टमेंट फ्लैट में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करने वाला चक्रधरपुर प्रखंड के पनसुवां गांव निवासी लक्ष्मण प्रधान रोजाना की तरह बुधवार रात लगभग नौ बजे ड्यूटी के लिए वैष्णव साईं अपार्टमेंट पहुंचा था।
छह माह से खराब था फ्लैट का लिफ्ट, फ्लैट में नहीं है सीसीटीवी : वैष्णव साईं अपार्टमेंट फ्लैट में पिछले छह माह से लिफ्ट में खराबी था। खराब हालत में ही लिफ्ट का उपयोग वहां रहने वाले लोगों द्वारा किया जा रहा था। फ्लैट में रहने वाले लोगों ने बताया कि लिफ्ट खराब होने की शिकायत फ़्लैट सोसाइटी के अध्यक्ष एवं ठेकेदार से की गई थी, परंतु किसी ने भी इस और ध्यान नहीं दिया। लिफ्ट में जाने के दौरान कई बार लिफ्ट बीच में रुक जाता था। बीच-बीच में झटका भी लेता था। लिफ्ट नहीं होने पर भी दरवाजा खुल जाता था, जिससे अनहोनी की आशंका पहले से बनी हुई थी। जितने लोग फ्लैट में रहते हैं सभी लोग इस फ्लैट की खराबी का शिकार हो चुके हैं।
कई लोग तो फ्लैट की लिफ्ट को इस्तेमाल करने से भी डरते थे। लिफ्ट में सुरक्षा मानकों का बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया गया है। लिफ्ट अचानक से गिरे तो उसे बचाने के लिए लगने वाला स्प्रिंग सिस्टम भी नहीं लगाया गया है। फ्लैट में रहने वाले लोगों की जान को ताक पर रखकर कम दाम में लिफ्ट तैयार कर लोगों की जान जोखिम में डाल दे रहे हैं। ऊपर से लिफ्ट का रखरखाव भी सही से नहीं होता है। सुरक्षा के लिहाज से फ्लैट में सीसीटीवी लगाना चाहिए, लेकिन ठेकेदार द्वारा सीसीटीवी तक नहीं लगाया गया गया है। इधर घटना के बाद सुरक्षा और जांच की दिशा को लेकर लिफ्ट को चालू करने पर पुलिस रोक लगाया हैं। जिस कारण से गुरुवार को लिफ्ट पूरी तरह बंद था।
मृतक के परिजनों ने पूरे मामले में जांच, मुआवजा का किया मांग : मृतक सुरक्षा गार्ड लक्ष्मण प्रधान की धर्मपत्नी दयमंती देवी ने बताया कि परिवार चलाने वाला अब नहीं रहा। उनकी मौत हुई है या हत्या उसकी पुलिस जांच करें और दोषी को सजा दें, मेरे तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी सिंधु कुमारी का विवाह हो चुका है, जबकि छोटी बेटी अमीषा कुमारी एवं छोटा बेटा आयुष प्रधान पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने के कारण उनका भविष्य अंधकार हो गया है। जिसे ध्यान में रखते हुए मुआवजा दिया जाए।
फ्लैट बन रहे लेकिन सुरक्षा मानकों पर नहीं है ध्यान : चक्रधरपुर में तेजी से फ्लैट और बड़े बड़े भवन बनाया गया हैं, लेकिन इसके निर्माण में ठेकेदार और भवन मालिक के द्वारा पैसे बचाने के चक्कर में सुरक्षा मानकों पर कहीं भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कहीं लिफ्ट ख़राब है तो कहीं सीसीटीवी नहीं है, तो कहीं आग से बचने के उपाए नहीं हैं, तो कहीं भूकंप रोधी मापदंडों का ख्याल भी नहीं रखा गया है। खास कर बड़े बड़े भवन निर्माण में जिन सुरक्षा मानकों को सरकारी नियमों के अनुसार पालन होना चाहिए उसका चक्रधरपुर में खुलेआम धज्जियाँ उड़ रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है की भवन निर्माण को लेकर नक्शा भी पास नहीं कराया जाता है।
पिछले दिनों इसी तरह के मामले को लेकर एसडीओ ने एक भवन के मालिक को नोटिस भेज कर भवन निर्माण कार्य रुकवा दिया था। चक्रधरपुर के बड़े बड़े भवनों की गहराई से जांच की जाये तो कई खामियां पायी जाएगी जो भविष्य में बड़े हादसे और जान माल के भारी नुकसान का कारण बन सकती है। चक्रधरपुर में ऐसे सैकड़ो भवन और फ्लैट बने हैं, लेकिन अधिकांश का फायर ब्रिगेड से एनुसी भी नहीं लिया गया है। इस मामले को लेकर अब तक कभी भी इसकी जांच नहीं हुआ है। भविष्य में अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो एक बड़ा घटना होने से शहर में इंकार नहीं किया जा सकता है।
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