चक्रधरपुर। चक्रधरपुर प्रखंड के जामीद गांव का मुंडा चयन का विवाद पिछले काफी दिनों से चले आ रहा है। इसका विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा। इस मामले में मुंडा चयन को लेकर गांव में कई बार बैठक आयोजन किया गया, लेकिन जब मामला नहीं थमा तो गुरुवार को चक्रधरपुर अंचलाधिकारी गिरजा नंद किस्कू दोनों पक्ष के लोगों को कार्यालय बुलाएं और दोनों पक्षों की बातें सुनीं। बताया गया कि 35 वर्ष पहले जब तत्कालीन मुंडा रामकृष्ण महतो का निधन हो गया, तो उनका परिवार मुंडा का कार्य करने से इनकार कर दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने रफाल बोदरा नामक एक आदिवासी व्यक्ति को सर्वसम्मति से मुंडा चयन किया।
उनके द्वारा कुछ सालों तक मुंडा का कार्य किया गया। फिर वह मुंडा पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने हुकुकनामा पट्टाधारी परिवार के ही शिव शंकर महतो को मुंडा के रुप में चयन किया। उनके द्वारा पांच सालों तक मुंडा का कार्य किए गए, लेकिन उनके द्वारा भ्रष्टाचार किए जाने से ग्रामीण उन्हें हटा दिए और ग्रामसभा के माध्यम से गांव के ही चंदन महतो को मुंडा के रुप में चयन किया। चंदन महतो पिछले 16 सालों से मुंडा के रुप में कार्य कर रहे हैं।
बता दें कि जब झारखंड सरकार ने गांव के मुंडा को मानदेय और मोटरसाइकिल देने की घोषणा किया है। तब से जामीद गांव में विवाद शुरु हो गए हैं। हुकुकनामा पट्टाधारी परिवार के नागेश्वर महतो द्वारा मुंडा होने का दावा ठोंका गया है। कभी उनके बेटे संदीप महतो तो कभी नागेश्वर महतो मुंडा स्वयं पद के लिए दावा ठोंकते रहे हैं। हालांकि अधिकांश ग्रामीण मुंडा के लिए चंदन महतो के पक्ष में है। गांव के पंचायत भवन में सरकारी कर्मचारी और प्रतिनियुक्त मानकी के मौजूदगी में मुंडा चयन का प्रक्रिया शुरु किया गया, लेकिन हंगामा के कारण दोनों बार स्थगित हो गया।
जब मामला गांव में नहीं सुलझा, तो अंचलाधिकारी गुरुवार को दोनों पक्षों को कार्यालय बुलाएं। दोनों पक्षों ने समर्थकों के साथ अंचल कार्यालय चक्रधरपुर पहुंचे और अपने हिसाब से मुंडा होने का दावा ठोंका, लेकिन मुंडा का चयन सरकारी नियम के तहत करना है। जिनके पास हुकुकनामा पट्टाधारी है, वहीं मुंडा हो सकते हैं। वहीं बात सीओ द्वारा भी कहा गया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और उच्चाधिकारियों के पास जाने की बात कही। जब मामले नहीं सुलझा तो सीओ गिरजा नंद किस्कू ने अगली तिथि 2 नवंबर को कागजात के साथ दोनों पक्षों को उपस्थित होने को कहा है। इस दौरान काफी संख्या में जामीद गांव के ग्रामीण पहुंचे थे।

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