इस संबंध में श्री हेम्बरम द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में राजस्व मौजा हलुदबनी क्षेत्र में जमीन दलालों द्वारा सरकारी /गैर सरकारी जमीन को अनुसूचित क्षेत्र के तहत काश्तकारी अधिनियम 1908 के प्रावधानों का घोर उल्लंघन करते हुए गैर आदिवासियों को जमीन और कानून रूप से हस्तांतरित किया जा रहा है। समय-समय पर क्षेत्र के रैयतों/निवासियों द्वारा प्रशासन को आवेदन के माध्यम से संज्ञान में लेकर कार्रवाई की मांग की जाती रही है; किंतु किसी प्रकार की सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इससे क्षेत्र में विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही है। साथ ही रैयतों को अपनी जमीन भू-सम्पदा छिनाने का अंदेशा है । इसके बावजूद भी समय रहते प्रशासन द्वारा इस पर कोई संज्ञान नहीं लेने अथवा कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र के कई ग्रामों के स्वशासन मानकी-मुंडा व्यवस्था के तहत बड़ी बैठक आयोजित कर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक सतर्कता अपेक्षित है, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे। प्रतिनिधि शिष्ट मंडल में मुख्य रूप से ढाटु हेंब्रम, साहेब हेम्ब्रम, जगदीश भूमि ज, बबलू गणेश भूमिज आदि उपस्थिति रहे।


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