रांची। रामगढ़ के सांडी स्थित आरबी प्लस टू उच्च विद्यालय की छात्राओं के साथ एक विशेष समुदाय के कुछ युवकों द्वारा छेड़छाड़ व मारपीट किए जाने के मामले में एनसीपीसीआर ने स्वतः संज्ञान लिया है। एनसीपीसीआर के अध्यक्ष ने मामले को लेकर रामगढ़ डीसी से तीन दिनों में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। पत्र के अनुसार आयोग ने समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के आधार पर संज्ञान लिया है। छपी खबर के अनुसार झारखण्ड के रामगढ़ जिले के सांडी स्थित आरबी प्लस टू उच्च विद्यालय की छात्राओं के साथ एक विशेष समुदाय के कुछ युवकों द्वारा छेड़छाड़ व मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है।
छात्राओं का कहना है कि वे छुटी के बाद घर लौट रहे थे। इसी बीच एक विशेष समुदाय के युवकों द्वारा छात्राओं के साथ छेड़छाड़ किया गया एवं इस्लाम जिंदाबाद के नारे लगाने को कहा। जब छात्राओं ने इसका विरोध किया तो उनपर लाठी-डंडे व पत्थरों से हमला कर दिया गया। छपी खबर स्वतः स्पष्ट है। आयोग ने उक्त शिकायत का संज्ञान सीपीसीआर अधिनियम 2005 की धारा 13 के अंतर्गत लिया है। उक्त प्रकरण में किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 का स्पष्ट उलंघन प्रतीत होता है तथा यह छात्राओं के साथ मारपीट का यह एक अत्यंत गंभीर मामला है।
अतः किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा भारतीय दण्ड संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उचित कार्यवाही सुनिश्चित करें। अगर जांच के दौरान छात्राओं के यौन शोषण या शारीरिक छेड़छाड़ का मामला भी प्रकाश में आता है तो एफआईआर में पोस्को एक्ट की भीसंबंधित धाराओं को जोड़ा जाये तथाकृत कार्यवाही की जांच तीन दिनों के भीतर आयोग को प्रेषित करने का कष्ट करें।

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