चांडिल डैम : अंग्रेजी वर्ष के अंतिम दिन उमड़ी प्रकृति प्रेमियों की भीड़, Chandil Dam: Crowd of nature lovers gathered on the last day of the English year.
जमशेदपुर की कीताडीह के तिवारी जी के घोड़ा पर पर्यटकों ने उठाया लुफ्त चांडिल। नववर्ष के स्वागत का जश्न शुरू हो गया है। पर्यटन महत्व के क्षेत्र में दूर-दराज से सैलानियों का पहुंचना शुरू हो चुका है। चां…
जमशेदपुर की कीताडीह के तिवारी जी के घोड़ा पर पर्यटकों ने उठाया लुफ्त
चांडिल। नववर्ष के स्वागत का जश्न शुरू हो गया है। पर्यटन महत्व के क्षेत्र में दूर-दराज से सैलानियों का पहुंचना शुरू हो चुका है। चांडिल डैम दिसंबर महीने के प्रथम सप्ताह से सैलानियों से गुलजार रहा हैं। अंतिम दिन प्रकृति प्रेमियों की जनसैलाब उमड़ा। यहां आकर सैलानी अपने को प्रकृति के निकट महसूस करते हैं। हर साल अंतिम वर्ष की विदाई और नववर्ष के स्वागत में दूर-दूर से सैलानी इन स्थलों में पहुंचते है और प्रकृति के अनुपम सौंदर्य को निहारते हैं। वैसे तो सालों भर चांडिल डैम में लोगों का आवगमन होता रहता है, पर दिसंबर से फरवरी महीने तक हर दिन इन यहां सैलानियों की भारी भीड़ जुटती है।
प्रकृति की अनमोल सुंदरता वाले दर्शनीय स्थल, पहाड़ी वादियों के बीच से बहती नदियों को निहारना काफी मनमोहक लगता है। चांडिल डैम पर सात समंदर पार से सैलानियों का मन बहलाने साइबेरियन पक्षियों की झुंड आया है। डैम के नीला जल राशि में साइबेरियन पक्षियों की अठखेलियां सैलानियों को आनंदित करती है। चांडिल डैम के हृदयस्पर्शी वातावरण को निहारने के लिए प्रतिवर्ष पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार समेत देश के कई राज्यों से लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। नये वर्ष के स्वागत में जश्न मनाने के लिए चांडिल डैम सैलानियों की पहली पसंद बन गया है। नौका विहार संचालन समिति के अध्यक्ष नारायण गोप अनाउंस कर सैलानियों को सतर्क कर रहे हैं। नारायण गोप ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा का विषेश खयाल रखा जा रहा है।


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