Jamshedpur (Nagendra) । भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने पूर्वी सिंहभूम की ओर से विश्व अंगदान दिवस (13 अगस्त) के अवसर पर सभी आम नागरिकों, विशेषकर संभावित दाताओं से अपील करते हुए कहा कि है कि आप अंगदान के इस पवित्र कार्य में आगे आएं। विश्व अंगदान दिवस की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी, जब रोना ली एरिक ने अपने समान जुड़वा भाई को एक गुर्दा दान किया था। यह ऐतिहासिक शल्य चिकित्सा प्रसिद्ध डॉक्टर जोसेफ मरे द्वारा संपन्न की गई थी।
Orang.gov के अनुसार, एक व्यक्ति के अंगदान से 8 अंग निकाले जा सकते हैं और 75 से अधिक लोगों की मदद की जा सकती है। अंगदान करने के लिए आपको NOTTO (National Organ and Tissue Transplant Organization) की वेबसाइट पर पंजीकरण करना आवश्यक है। पंजीकरण के बाद, SOTTO (State Organ and Tissue Transplant Organization) — जो झारखंड में रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में स्थित है — द्वारा प्रक्रिया पूरी की जाती है।
अंगदान की प्रक्रिया (झारखंड में): 1. NOTTO की वेबसाइट https://notto.abdm.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण करें। 2. पंजीकरण के बाद, भरा हुआ भौतिक फॉर्म SOTTO, RIMS, रांची में जमा करें। 3. अपने परिवार को अंगदान के संकल्प की जानकारी दें, ताकि आपकी अनुपस्थिति में भी उनकी सहमति से अंगदान संभव हो सके। श्रीमती रेनू सिंह से हमें प्रेरणा मिलती है, जिन्होंने अपने पति का अंगदान कर मिसाल कायम की। इसी प्रकार, हमारे संगठन के जिला अध्यक्ष श्री एस.एन. पाल एवं उनकी पत्नी श्रीमती नीलिमा पाल ने भी अंगदान के लिए सहमति प्रदान की है।
अंगदान केवल स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है, और परिवार की सहमति अनिवार्य है। यह वह कार्य है जो धन से भी नहीं खरीदा जा सकता — यह किसी को नया जीवन देने का अवसर है। जैसा कि आप जानते हैं, जिला पूर्वी सिंहभूम रेड क्रॉस सोसाइटी एवं विभिन्न समाजसेवी संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से रक्तदान जागरूकता में पूरे भारत में सातवें स्थान पर है। अब समय है कि हम सब मिलकर अंगदान में भी अग्रणी बनें। साथ ही, आप रोशनी, जमशेदपुर में नेत्रदान (Eye Donation) भी कर सकते हैं, जिससे अंधेपन से पीड़ित किसी को दृष्टि मिल सकती है।

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