Upgrade Jharkhand News. यूसिल की तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट में ठेका मजदूर जयराम हांसदा की मौत के बाद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए झामुमो जिला संयोजक प्रमुख बाघराय मार्डी आगे आए है। सोमवार को संध्या चार बजे वार्ता विफल होने के बाद पीड़ित मृतक की पत्नी सोमवारी हांसदा अपने तीन बच्चों के साथ कंपनी के मेन गेट पर धरना पर बैठ गई और यूसिल प्रबंधन से मौत के बदले कंपनी में स्थाई नौकरी की मांग कर रही है। गौरतलब है कि बीते शनिवार को यूसिल की तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट में बेल्डिंग के काम के दौरान अचानक अत्यधिक विद्युत प्रवाहित होने से ठेकाकर्मी जयराम हांसदा की बिजली के चपेट में आ जाने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
मीडिया से बात करने के क्रम में मृतक की पत्नी सोमवारी हांसदा फफक-फफक कर रो पड़ी। उन्होंने कहा कि उसके साथ न्याय नहीं हुआ तो यही जान देगी, लेकिन पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने झारखंड की हेमंत सरकार से इस आदिवासी परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। इधर, यूसिल प्रबंधन की हठधर्मिता से आदिवासियों में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस बाबत झामुमो नेता बाघराय मार्डी ने कहा कि यूसिल प्रबंधन मृतक यूसिल के ठेकाकर्मी जयराम हांसदा के परिवार के साथ दोहरी नीति अपना रही है। जबकि इससे पूर्व कंपनी में दुर्घटना होने पर पुनू सिंह (जादूगोड़ा,) फकीर हेंब्रम (बागजाता यूरेनियम माइंस) व भागवत सुमन (तुरामडीह) के आश्रितों को नौकरी मिली है।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को नौकरी मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कंपनी प्रबंधन की दोहरी नीति व मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। मृतक जयराम हांसदा के परिवार के समर्थन में उसकी पत्नी सोमवारी हांसदा, उसके तीन बच्चों के साथ सोमाय टुडू, बहादुर किस्कू, विद्या सागर दास समेत काफी संख्या में ग्रामीण भी धरना पर बैठे है। बहरहाल देखना यह है कि यूसिल प्रबंधन पीड़ित आदिवासी परिवार को न्याय देती है या उसे अपने हाल पर छोड़ देती है।

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