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Chaibasa बायोमैट्रिक अटेंडेंस विवाद में यूनियन को बड़ी कानूनी सफलता, मामला जाएगा CGIT, Union scores major legal success in biometric attendance dispute, case will go to CGIT

Guwa (Sandeep Gupta) बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक) को बायोमैट्रिक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (BAMS) विवाद में एक बड़ी कानूनी सफलता मिली है। सेल बीएसएल झारखंड माइंस समूह द्वारा चिरिया, गुवा, किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु माइंस में प्रमाणित स्थायी आदेशों में संशोधन किए बिना बायोमैट्रिक सिस्टम लागू किए जाने के विरोध में यूनियन द्वारा शुरू की गई कानूनी लड़ाई में उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), धनबाद ने सुलह प्रक्रिया को विफल घोषित कर दिया है। दिनांक 09 जनवरी 2026 को Dy. CLC (केंद्रीय) के समक्ष चली सुलह कार्यवाही में दोनों पक्षों के बीच किसी भी प्रकार का समझौता संभव नहीं हो सका। इसके बाद सुलह की विफलता (Failure of Conciliation – FOC) विधिवत दर्ज की गई। 


अब यह मामला केंद्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण (CGIT) को संदर्भित किए जाने की प्रक्रिया में है, जहां इस पर अंतिम कानूनी निर्णय होगा। यूनियन ने सुलह के दौरान स्पष्ट रूप से यह पक्ष रखा कि प्रमाणित स्थायी आदेशों में संशोधन किए बिना BAMS लागू करना अवैधानिक है। यह श्रमिकों की सेवा शर्तों में एकतरफा परिवर्तन है और उनके वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। Dy. CLC द्वारा FOC दर्ज किया जाना इस बात की पुष्टि करता है कि विवाद गंभीर है और न्यायिक निर्णय योग्य है। यूनियन पदाधिकारियों ने इसे श्रमिक हितों की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यह सफलता केवल यूनियन की नहीं, बल्कि चारों माइंस में कार्यरत हजारों श्रमिकों के अधिकार, गरिमा और भविष्य की जीत है। 


यूनियन ने भरोसा जताया कि CGIT में भी वह पूरे कानूनी आधार के साथ अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। यूनियन ने दोहराया कि वह तकनीक के विरोध में नहीं है, लेकिन कानून, प्रमाणित स्थायी आदेश और श्रमिकों की सहमति के बिना किसी भी व्यवस्था को थोपने के खिलाफ उसका संघर्ष जारी रहेगा।



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