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Jamshedpur रेडियंट झारखंड 2.0 प्रदर्शनी में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान, पर्यावरण पर होगा विशेष फोकस There will be special focus on education, health, agriculture, science and environment in the Radiant Jharkhand 2.0 exhibition.

 


Jamshedpur (Nagendra) रेडियंट झारखंड 2.0 मेगा प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है. प्रदर्शनी का आयोजन विज्वल मिथ्स द्वारा अपनी सहयोगी संस्था ‘लेडीज़ सर्कल इंडिया GMCLC160’ के संयुक्त प्रयास किया जा रहा है. इस संबंध में विज्वल मिथ्स के निदेशक मीतू पॉल गुप्ता व वनिश गुप्ता ने बताया कि यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी 29 से 31 जनवरी 2026 तक होटल रामाडा में आयोजित होगी. प्रदर्शनी का उदघाटन  एल बी एस एम कॉलेज के प्राचार्य डॉ अशोक झा, ए डी एल सुन शाइन स्कूल की प्राचार्य मंजू सिंह और टाटा वर्कर्स यूनियन स्कूल की प्राचार्य seteng kerketta की गरिमामयी उपस्थिति में गुरुवार 29 जनवरी को होगा. यह ऐतिहासिक आयोजन विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (PSUs) एवं प्रमखु सस्ंथानों की गरिमामयी भागीदारी का साक्षी बनेगा. 


जहां नवीनतम नवाचारों, प्रमखु योजनाओं और महत्वपूर्ण विकासात्मक उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जाएगा. यह प्रदर्शनी आम लोगों के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगी तथा प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी. मीतू पॉल गुप्ता व वनिश गुप्ता ने बताया कि रेडियटं झारखडं 2.0 प्रदर्शनी 2026 में विभिन्न विभागों के कुल 59 स्टॉल लगेंगे। प्रदर्शनी के आयोजन का उद्देश्य झारखडं की जनता के लिए एक ऐसा मंच प्रदान करना जहां वे सीधे तौर पर विभिन्न सरकारी संस्थानों से संवाद स्थापित कर सके एवं जानकारी प्राप्त कर सकें. प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओ, विकास कार्यक्रमों एवं कल्याणकारी पहलों की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त होगी, जो कहीं ना कहीं नागरिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास को बढ़ावा देती हैं. उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां उन्हें विविध शैक्षणिक विकल्पों, करियर अवसरों, कौशल विकास पहलों एवं उभरते क्षेत्रों से परिचित होने का अवसर मिलेगा. युवाओं को मार्गदर्शन , सचूना और उद्योग दृष्टि कोण से जोड़ते हुए यह आयोजन झारखडं के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगा, वहीं उन्हें शिक्षित और सशक्त भी करेगा. 


प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण गजुरात हथकरघा एवं हस्तशिल्प के मास्टर कारीगरों की सहभागिता होगी, ये कारीगर उत्कृष्ट हस्त निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे, जो  भारत की समृद्ध विरासत को प्रतिबिंबित करता है.


विभिन्न सरकारी संस्थान होंगे शामिल -उन्होंने बताया कि रेडियटं झारखडं 2.0 में राष्ट्रीय सस्ंथानों, सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, अनसुधांन सगंठनों एवं विकासात्मक निकायों की भागीदारी रहेगी, जो जनजातीय कल्याण, शिक्षा, वानिकी, कृषि एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, अतंरिक्ष,पर्यावरण, एमएसएमई विकास, आधारभतू सरंचना, वित्त, विनिर्माण तथा सहकारी विकास जैसे विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे.


इन संस्थानों का प्रदर्शनी में रहेगा स्टॉल - मीतू पॉल गुप्ता व वनिश गुप्ता के अनुसार प्रदर्शनी में प्रमखु रूप से भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), नॉर्थ ईस्टर्न डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (NEDFI), पृथ्वी विज्ञान मत्रांलय (MoES), न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL), भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (IIRS), गजुरात इंफॉर्मेटिक्स लिमिटेड (GIL), सीएसआईआर–केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (CIMFR), भारतीय समद्रुी विश्वविद्यालय, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, कॉयर बोर्ड,र्ड केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD), केंद्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्र, राष्ट्रीय सचूना विज्ञान केंद्र, राष्ट्रीय परीक्षण गृह (NTH), राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड, गजुरात राज्य हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम लिमिटेड, केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET), भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI), जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (TRIFED), राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC), भारतीय मानक ब्यूरो, सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला, परमाणु ऊर्जा विभाग, आईसीएआर–राष्ट्रीय द्वितीयक कृषि सस्ंथान (NISA), सिद्ध चिकित्सा अनुसंधान की केंद्रीय परिषद (CCRS), कीटनाशक सूत्रीकरण प्रौद्योगिकी संस्थान, विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (DMI), कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO), केंद्रीय प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड (CPCB), आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडशेन (IBIIF), तमिलनाडु बागवानी विभाग, झारखडं जैव विविधता बोर्ड (JBB), झारखंड दुग्ध महासंघ (JMF) – मेधा डेयरी, तमिलनाडु उद्यानिकी एवं प्लांटेशन फसल विभाग, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR), डीसी हैंडलूम – वीवर्स सर्विस सेंटर (WSC), हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL), मुख्यमत्रीं लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड, झारखडं सरकार तथा अमूल.


इसके अतिरिक्त लोगो प्रायोजक के तौर पर बोकारो स्टील प्लांट (सेल), गेल लिमिटेड, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE), टी बोर्ड ऑफ इंडिया, SIDBI एवं ECGC भी शामिल हैं.



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