मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा : झारखंड में बोली ही गाना है और चाल ही नृत्य है
Jamshedpur (Nagendra) बुधवार 14 जनवरी को मकर संक्रांति के मौके पर जमशेदपुर प्रखंड के भिलाई पहाड़ी हाट मैदान में विशाल टुसू मेला का आयोजन किया गया। इस मेला में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्य सरकार के परिवहन एवं भू राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने सभी को मकर संक्रांति की बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश में विभिन्न नामों से इस पर्व को मनाया जाता है। यहां के टुसू मेले में आकर मुझे अनुशासित लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है जो मेला आयोजकों की एक अलग छाप छोड़ती है। उन्होंने कहा कि भिलाई पहाड़ी टुसू मेला समिति ने झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का काम किया है। इसके लिए टुसू मेला समिति बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा झारखंड में लोगों की बोली ही गाना है और चाल ही नृत्य है।
मंत्री ने कहा कि झारखंड आज 25 साल का युवावस्था में पहुंच चुका है और हमारी सरकार यहां के युवा को, सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। यहां विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के द्वारा सभी कला को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं, सभी को धन्यवाद। वहीं विशिष्ट अतिथि घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने कहा कि हर वर्ष बाबा इस मेले में आया करते थे , लेकिन अब वे हमारे बीच नहीं रहे। हम हर वर्ष आया करेंगे। यहां सभी जाति धर्म के लोग आए हैं और अनुशासित ढंग से मेला का आनंद उठा रहे हैं। झारखंड की लुप्तप्राय पुतुल नाच की कला भी यहां देखने को मिल रही है जो पहले लोगों को अपनी कला – संस्कृति से परिचित कराती थी और जागरूक करने का बेहतर माध्यम होता था आज यहां वर्षों बाद देखने को मिला है।
साथ ही मेला में लगाया पेंटिंग भी आकर्षक है। एक ही जगह पर अलग- अलग राज्यों से आए कलाकारों के द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जा रही है और सभी तरह की संस्कृति एक ही जगह देखने को मिल रहा है। सभी को अलग- अलग एवं बहुत ही व्यवस्थित तरीके से सजाया गया है जो सराहनीय है। इसी को बचाकर रखने की जरूरत है जो आने वाली पीढ़ी को यह सब जानने का मौका मिलेगा। अन्य अतिथियों में पूर्व विधायक सह पार्टी के प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी, जिला पार्षद खगेन चंद्र महतो, जिला पार्षद प्रभावती दत्ता, पूर्व पार्षद सह समिति के अध्यक्ष पिंटू दत्ता, ग्राम प्रधान घासीराम सिंह, घासीराम सबर, अर्जुन सोरेन, रमेश मुर्मू, बुद्धेश्वर कुंडू, वैद्यनाथ गौड़, सुबोध गौड़, सुभाष मुखर्जी, सुकुमार महांती, नांटू सरकार, उज्ज्वल दास, रवि धोरा, दीपक सिंह एवं मकसूद अंसारी आदि मौजूद थे। सभी अतिथियों को मेला आयोजकों द्वारा पुष्प गुच्छ देकर और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी को मकर संक्रांति का तिलकुट भी भेंट किया गया ।
टुसू में प्रथम पुरस्कार के रूप में सुकु धीवर को 16 हजार, दूसरा पुरस्कार गुरमा के पिंटू को 14 हजार एवं तीसरा 12 हजार खोखरो के फूलचांद सिंह को दिया गया।
क्यों खास है भिलाई पहाड़ी का टुसू मेला - जमशेदपुर शहर से सटे एवं डिमना चौक से करीब 4 किमी दूर देवघर पंचायत में एनएच 33 के किनारे स्थित भिलाई पहाड़ी हाट मैदान में आयोजित टुसू मेला कई मायनों में खास है । इसलिए यहां हर वर्ष हजारों की संख्या में महिला - पुरुष शांतिपूर्ण माहौल में अनुशासित ढंग से मेला का आनंद उठाते हैं। जमशेदपुर शहर में पिछले कई दशकों से रहने वाले आदिवासी - मूलवासी समुदाय के लोगों के लिए बिल्कुल ही ग्रामीण परिवेश का यह मेला लोगों को अपने गांव की याद दिलाती है। मानगो शंकोसाई में रहने वाले लावजोड़ा के मूल निवासी दशरथ गोराई ने बताया कि पिछले करीब एक दशक से अब मकर संक्रांति में गांव नहीं जाते हैं क्योंकि घर के बगल में ही गांव का माहौल मिल जाता है। इसी तरह पटमदा, बोड़ाम, चांडिल, घाटशिला एवं पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के विभिन्न गांवों से आकर जमशेदपुर शहर में बसे ऐसे सैकड़ों परिवार के लोग हैं जो हर वर्ष भिलाई पहाड़ी टुसू मेला पहुंचते हैं। यहां टुसू मेला के मौके पर झुमुर संगीत, टुसू गीत, बूढ़ी गाढ़ी नाच, पाता नाच, पुतुल नाच, बुगी - बुगी डांस, छऊ नृत्य समेत कई कला संस्कृति का संगम एक ही जगह पर देखने को मिलता है ,जो अन्य जगहों के टुसू मेला से यह अलग हटकर होता है।




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