Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Jamshedpur भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु Devotees were moved after listening to the story of Lord Krishna's childhood pranks.

 


Jamshedpur (Nagendra) गोलमुरी के टुइलाडुंगरी स्थित गाढ़ाबासा कम्युनिटी सेन्टर में चल रहे श्रीमद भागवत महापुराण कथा के पांचवें दिन गुरूवार को व्यास पीठ से कथावाचक आचार्य पंडित कुमार स्वामी जी महराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला, महारास लीला, उद्धव चरित्र प्रसंग की कथा का विस्तार से सुंदर वर्णन किया। कथा से पहले वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ पुरोहित ने पूजा अर्चना करायी। आज की यजमान समिति की अध्यक्ष पुष्पा सिंह ने पूजा की। भक्त भगवान सेवा समिति द्धारा आयोजित भागवत कथा का वाचन करते हुए महाराज ने कहा कि भगवान कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस उसको मौत के घाट उतारने के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है। 


पूतना वेश बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। उसके बाद कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने की तैयारी करते हैं। भगवान कृष्ण द्वारा उनको भगवान इंद्र की पूजन करने से मना करते हुए गोवर्धन महाराज की पूजन करने की बात कहते हैं। इंद्र भगवान उन बातों को सुनकर क्रोधित हो जाते हैं। वह अपने क्रोध से भारी वर्षा करते हैं। जिसको देखकर समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं। भारी वर्षा को देख भगवान श्री कृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर पूरे नगरवासियों को पर्वत को नीचे बुला लेते हैं। 


जिससे हार कर इंद्र एक सप्ताह के बाद वर्षा को बंद कर देते हैं। जिसके बाद ब्रज में भगवान श्री कृष्ण और गोवर्धन महाराज के जयकारे लगाने लगते हैं। कथावाचक ने आगे भगवान कृष्ण और उद्धव के सुंदर प्रसंग का वर्णन किया। कथा में आए श्रद्धालु कथा के प्रसंग सुन भक्तिरस में झूमने लगे।



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU

-ADVERTISEMENT-

.