Jamshedpur (Nagendra) कभी देश के सबसे सुरक्षित और सुव्यवस्थित औद्योगिक शहरों में गिने जाने वाला जमशेदपुर आज गंभीर कानून-व्यवस्था संकट से जूझ रहा है। हाल ही में शहर में एक प्रतिष्ठित औद्योगिक घराने के बेटे के दिनदहाड़े अपहरण की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना को लेकर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य की झामुमो-कांग्रेस सरकार और पुलिस प्रशासन पर कड़ा हमला बोला है। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि दिनदहाड़े अपहरण की घटना प्रमाण है कि जमशेदपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं और उनमें पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि यह कोई एकल घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में अपहरण, रंगदारी, अवैध वसूली, नशे का बढ़ता कारोबार, चोरी-लूट और गुंडागर्दी की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन सब घटनाओं से आम नागरिकों और व्यापारियों में भय का माहौल है।
विधायक पूर्णिमा साहू ने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि गंभीर अपराधों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता हेलमेट चेकिंग और चालान काटने तक सीमित होकर रह गई है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था जुर्माना वसूली पर ना होकर अपराधियों में भय पैदा करने और जनसुरक्षा की भावना से कायम होगी, जो पूरी तरह से गायब है। उन्होंने झामुमो-कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच में झारखंड को निवेश के लिए सुरक्षित और अनुकूल बताकर निवेशकों को आमंत्रित कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर राज्य का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर अपराधियों के कब्जे में जाता दिख रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिनदहाड़े अपहरण हो रहे हों और पुलिस बेबस नजर आ रही हो, तो निवेशक किस भरोसे झारखंड में निवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि लौहनगरी जमशेदपुर में पुलिस की निष्क्रियता और झामुमो-कांग्रेस सरकार की उदासीनता ने जनता का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है। यदि जल्द ही रंगदारी, अवैध नशा कारोबार, अपहरण और संगठित अपराध पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो जमशेदपुर की पहचान एक सुरक्षित औद्योगिक शहर के रूप में पूरी तरह धूमिल हो जाएगी।

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