Jamshedpur (Nagendra) नालसा एवं झालसा के निर्देश पर ड्रग फ्री, इंडिया अभियान के तहत व्यवहार न्यायालय के लोक अदालत हॉल में सोमवार को नशा उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में प्रधान जिला जज अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि नशा अपराधों की जननी है। नशा करने से कुछ समय के लिए आनंद तो मिलता है , लेकिन बाद में बर्बादी के सिवा कुछ हासिल नहीं होता। उन्होंने कहा कि 5 जनवरी से 12 जनवरी तक चलने वाला यह विशेष जागरूकता अभियान का आज समापन नही हुआ है, बल्कि यह निरंतर चलने वाला अभियान है , जब तक कि पूर्ण रूप से ड्रग फ्री इंडिया हो नहीं जाता है। प्रधान जिला जज अरविंद कुमार पांडेय ने नशापान करने वाले लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि आपका जीवन बहुमूल्य है , इसलिए नशे को न कहें, जीवन को हां कहें।
नशा करने वाले लोगों को अगर सही से समझाया जाए और उसके दुष्प्रभावों को बताकर उन्हें जागरूक किया जाए तो वह नशा को छोड़ सकते हैं। उन्हानें एक नशे के केस का जिक्र करते हुए कहा कि वे नशा के जुर्म में आए व्यक्ति को नशा नहीं करने का शपथ दिलाकर जमानत दी थी और वह व्यक्ति नशा करना हमेशा के लिए छोड़ दिया है। इसलिए नशापान करने वाले लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है।
कार्यक्रम में उपस्थित सदर अस्पताल के मनःचिकित्सक डॉक्टर महेश चंद्र ने नशे के दुष्प्रभाव एवं उससे होने वाले गंभीर बीमारियों पर विस्तार से बताया और कहा कि नशा को आप पीते हैं लेकिन नशा आपको पी जाता है और अंत में आपका जीवन समाप्त हो जाता है । इसलिए हर हाल में व्यक्ति को नशे से दूर रहना चाहिए । वहीं कार्यक्रम में उपस्थित डालसा सचिव कुमार शौरव त्रिपाठी एवं प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट रिचेश कुमार और मध्यस्थ अधिवक्ता शिव शंकर प्रसाद ने नशा से संबंधित नालसा स्कीम एवं ड्रग्स से जुड़े विभिन्न कानूनों के बारे विस्तार से बताया और नशा उन्मूलन के विभिन्न आयामों पर वृहत रूप से चर्चा की। मंच पर उपस्थित पूर्व सैनिक एवं डालसा के पीएलवी के के शुक्ला ने भी अपने संबोधन से लोगों को लाभान्वित किया। कार्यक्रम के दौरान नशा का सेवन नहीं करने का सभी लोगों ने शपथ ली।
साथ ही पोटका प्रखंड के पीएलवी द्वारा नशा के विरोध में एक बेहतरीन नुक्कड़ नाटक का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसका सभी लोगों ने काफी सराहना की। इस जागरूकता अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों में नशा उन्मूलन के लिए आयोजित प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को डालसा की ओर से पुरस्कृत कर हौसला अफजाई की गई। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं युवाओं के प्रेरणाश्रोत रहे स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया गया।
वहीं कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान गाकर किया गया। कार्यक्रम में व्यवहार न्यायालय के कर्मी , पुलिस अधिकारी, ट्रांसजेंडर , स्वयं सेवी संगठन के लोग , मीडियेटर , लीगल एड कौंसिल के प्रमुख एवं सहायक सदस्य तथा पैनल अधिवक्ता, लॉ स्टूडेंट, पीएलवी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।




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