Guwa (Sandeep Gupta) गुवा क्षेत्र में प्रस्तावित राजाबुरु खदान को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। 75 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर मानकी–मुंडा एवं रैयत संघ के बैनर तले 11 गांवों के मुंडा–मानकी और ग्रामीणों की एक अहम ग्रामसभा बैठक आज शाम 3:00 बजे नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत गुवा थाना क्षेत्र के ठाकुरा गांव में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ठाकुरा गांव के मुंडा दामु चाम्पिया ने की। बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गुवा सेल एवं शुरू हो रही राजाबुरु खदान में सीएसआर के अंतर्गत आने वाले शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को 75 प्रतिशत रोजगार दिया जाए। साथ ही सीएसआर मद से स्वास्थ्य, शिक्षा, शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन द्वारा ग्रामसभा की अनदेखी कर योजनाओं को पारित किया जा रहा है, जो पेसा कानून 1996 की धारा 4(i) एवं पांचवीं अनुसूची का उल्लंघन है। ग्रामीण मुंडा चरण चाम्पिया ने कहा कि स्थानीय नियोजनालय के माध्यम से बहाली प्रक्रिया लागू की जाए। सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चाम्पिया ने सवाल उठाया कि बिना ग्रामसभा की स्वीकृति के खदान किस नियम के तहत शुरू की जा रही है।समाजसेवी राजेश सांडिल ने खदान को हैंड माइनिंग के माध्यम से संचालित करने की मांग रखी, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। ग्रामसभा में निर्णय लिया गया कि आगामी 27 फरवरी को 11 गांवों के मुंडा, मानकी, डाकुआ एवं ग्रामीण थाली–कटोरा लेकर एक विशाल रैली निकालेंगे और गुवा सेल के जनरल ऑफिस के समक्ष प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन को मांग पत्र सौंपेंगे।
साथ ही कहा कि कुछ सामाजिक तत्वों द्वारा भोले भाले ग्रामीणों को बहला फुसलाकर ट्रांसपोर्टिंग व रेक लोडिंग की मांग की जा रही है, यह सरासर गलत है हमारी सिर्फ मांग यह है कि बेरोजगारों को रोजगार दी जाए। बैठक में ठाकुरा गांव मुंडा दामु चाम्पिया, सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चाम्पिया,लिपुंगा गांव के मुंडा चरण चाम्पिया, समाजसेवी राजेश सांडिल, समाजसेवी दारा सिंह चाम्पिया,गुवासाई से लंका पूर्ति,बामिया सुरीन, मनोज पूर्ति, लंकेश चाम्पिया,बागुन चाम्पिया, मंगल सिंह पूर्ति सहित अन्य मौजूद थे।




































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