Guwa (Sandeep Gupta) राजाबुरु खदान क्षेत्र में 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर 10 गांवों के मुंडा–मानकी एवं ग्रामीणों का आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व सारंडा पीढ़ मानकी लागुड़ा देवगम एवं छोटानागरा पंचायत मुखिया राजू शांडिल कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की लिखित गारंटी नहीं मिलती, तब तक खदान में खनन कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अब तक किसी भी विभागीय अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर वार्ता करने की पहल नहीं की है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आंदोलन स्थल पर मौजूद सारंडा पीढ़ मानकी लागुड़ा देवगम ने स्पष्ट शब्दों में कहा,रोजगार नहीं तो खनन नहीं।
क्या आदिवासियों को उनकी ही जमीन पर मजदूर बनने का भी हक नहीं? हमारी जमीन से खनिज निकलेगा और हमारे बच्चे बेरोजगार रहेंगे, यह अब नहीं चलेगा। ग्रामीणों ने कहा कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और ग्रामसभा की सहमति के बिना किसी भी योजना को लागू करना गलत है। उन्होंने मांग दोहराई कि स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित किया जाए तथा ग्रामसभा के अधिकारों का सम्मान किया जाए। आंदोलन को लेकर खदान क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र वार्ता नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।





































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