- कथावाचक ने पाचवें दिन गोवर्धन लीला प्रसंग में प्रकृति पूजा का दिया संदेश
Jamshedpur (Nagendra) गोलमुरी मनिंदर टावर में चल रहे भागवत कथा के पांचवें दिन सोमवार को आचार्य पंडित सुरेश चन्द्र शास़्त्री जी महाराज ने बाल लीला, माखन चोरी, वेणु गीत और गोवर्धन लीला भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य, चंचल और प्रेममयी लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि बाल लीला में मैया यशोदा के आंगन की नटखट शरारतें, माखन चोरी में गोपियों का प्रेमपूर्वक माखन चुराना, वेणु गीत में मुरली की धुन से गोपियों को मोहित करना, और गोवर्धन लीला में इन्द्र का मान मर्दन कर गोकुल वासियों की रक्षा करना प्रमुख है। इन लीलाओं के माध्यम से भागवत कथा हमें निस्वार्थ प्रेम, भक्ति और अहंकार के विनाश का संदेश देती है। श्री कृष्ण की बाल लीलाएं भगवान के सुलभ रूप को दर्शाती हैं, जो भक्तों के प्रेम के वशीभूत हैं। आचार्य ने कहा कि कृष्ण अपने मित्रों के साथ घर-घर जाकर माखन चुराते और खाते थे।
यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि गोपियों के प्रेम और समर्पण को स्वीकार करने का तरीका था। माखन दिल में छिपे प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, जिसे कृष्ण अपने साथ ले जाते थे। गोवर्धन लीला का प्रसंग बताते हुए शास्त्री ने कहा कि इन्द्र के प्रकोप (भारी वर्षा) से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए, बाल कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर सात दिनों तक उठाए रखा। इस लीला के माध्यम से उन्होंने प्रकृति पूजा का संदेश दिया और इन्द्र के अभिमान को चूर किया।
छठवें दिन मंगलवार 24 फरवरी को कथा वाचक द्धारा महारास लीसा मथुरा गमन, कंस वध, उद्धव गोपी संवाद, रूकमणि विवाह का प्रसंग सुनाया जायेगा। यह आठ दिवसीय आयोजन गोलमुरी के चम्पा-रतन अग्रवाल (गोयल परिवार) द्धारा किया जा रहा हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से पार्वती देवी, रतन अग्रवाल, चम्पा अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, माधव अग्रवाल सहित काफी संख्या में भक्तगण भगवान की कीर्तन श्रवण कर आनन्द प्राप्त किया।

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