Jamshedpur (Nagendra) मेरा युवा भारत, पूर्वी सिंहभूम द्वारा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित अंतर राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम 2025–26 का आयोजन दिनांक 23 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक किया गया, जिसका श्रीनाथ विश्वविद्यालय में सफलतापूर्वक समापन हुआ। पाँच दिवसीय इस कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र से आए 37 प्रतिभागियों एवं झारखंड के युवाओं के बीच सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से संवाद एवं सहभागिता सुनिश्चित की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के युवाओं के मध्य आपसी समझ, भाईचारा एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना था। समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सम सिंह, कुलाधिपति सुखदेव महतो, कुलसचिव डॉ. याहिया मजूमदार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आतिफ हबीब, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शालिनी ओझा, विश्वविद्यालय के डीन राजेश, मेरा युवा भारत, पूर्वी सिंहभूम के जिला युवा अधिकारी मोंटू पातर तथा लेखा एवं कार्यक्रम सहायक शुभेच्छा सहित महाराष्ट्र से आए 37 प्रतिभागी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुलाधिपति सुखदेव महतो ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को भारत के विभिन्न राज्यों को जानने-समझने तथा उनकी संस्कृति को करीब से अनुभव करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे आपसी भाईचारा एवं राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन पर बल दिया। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आतिफ हबीब ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। समापन समारोह के दौरान महाराष्ट्र से आए प्रतिभागियों ने अपने क्षेत्र के पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी, वहीं श्रीनाथ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने झारखंड के लोक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।
कार्यक्रम के अंत में मेरा युवा भारत, पूर्वी सिंहभूम के जिला युवा अधिकारी मोंटू पातर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक इकाई एवं श्रीनाथ विश्वविद्यालय की संपूर्ण टीम को कार्यक्रम में दिए गए सहयोग हेतु माय भारत की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। अंततः विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं महाराष्ट्र से आए प्रतिभागियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर भाईचारे एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। यह पाँच दिवसीय कार्यक्रम युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पारस्परिक समझ एवं राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सफल पहल सिद्ध हुआ।




































No comments:
Post a Comment