Jamshedpur (Nagendra) सिंहभूम चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एससीसीआई) का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जियाडा) के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन, आईएएस से रांची स्थित उनके कार्यालय में मिला। बैठक के दौरान आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र एवं इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में संचालित उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों के समक्ष आ रही विभिन्न आधारभूत, प्रशासनिक एवं नीतिगत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अध्यक्ष मानव केड़िया ने किया। उनके साथ महासचिव पुनीत काउंटिया, उपाध्यक्ष (उद्योग) हर्ष बखरेवाल, उपाध्यक्ष (टैक्स एवं वित्त) राजीव अग्रवाल तथा उद्योग सचिव विनोद शर्मा उपस्थित थे। चेम्बर की ओर से समस्याओं से संबंधित विस्तृत ज्ञापन फोटो एवं वीडियो साक्ष्यों के साथ सौंपा गया, जिसमें औद्योगिक क्षेत्र की परिचालन संबंधी कठिनाइयों, आधारभूत संरचना की जर्जर स्थिति, प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जटिलताओं तथा भविष्य के विकास से जुड़े सुझावों को प्रमुखता से रखा गया।
आधारभूत संरचना एवं रखरखावः- प्रतिनिधिमंडल ने अंदरूनी सड़कों की अत्यंत खराब स्थिति, पाइपलाइन एवं केबल बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न होने, जाम ड्रेनेज सिस्टम के कारण जलजमाव से मशीनरी व कच्चे माल को हो रहे नुकसान, बंद स्ट्रीट लाइट्स से बढ़ते सुरक्षा जोखिम तथा झाड़ियों की सफाई और समग्र स्वच्छता की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया। सुरक्षा एवं नागरिक समस्याएंः- विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर चिंता जताई गई। पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की गई। साथ ही, जियाडा को लीज रेंट देने के बावजूद आदित्यपुर नगर निगम द्वारा होल्डिंग टैक्स वसूले जाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई। प्रशासनिक एवं प्रक्रियागत समस्याएंः- पुराने उद्योगों से उत्पादन प्रारंभ तिथि (क्वच्) की मांग में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों और छोटे-छोटे रिकॉर्ड संशोधनों पर प्रोसेसिंग शुल्क समाप्त करने का अनुरोध किया गया।
भविष्य विकास एवं नीतिगत सुझावः- भारी वाहनों के लिए समर्पित पार्किंग स्थल विकसित करने, सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली को प्रभावी बनाने, इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर की अप्रयुक्त भूमि के बेहतर उपयोग, झारखंड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को सक्रिय करने, जमशेदपुर के निकट नए औद्योगिक पार्क की स्थापना, भूमि दरों का युक्तिसंगत निर्धारण, सस्ती एवं प्रतिस्पर्धी बिजली उपलब्ध कराने, जमशेदपुर में एमएसएमई फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित करने तथा बड़े उद्योगों को आकर्षित कर सहायक इकाइयों को बढ़ावा देने जैसे सुझाव भी रखे गए। जियाडा एमडी का आश्वासनः- प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि सड़क मरम्मत कार्य मध्य अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही ड्रेनेज की डी-सिल्टिंग और सफाई के लिए क्षेत्रीय निदेशक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अन्य मुद्दों के समाधान हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्राथमिकता के आधार पर कदम उठाए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने जियाडा एमडी के सकारात्मक और सहयोगात्मक रुख की सराहना की तथा विश्वास जताया कि इन पहलों से आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा और उद्योगों को सुचारू रूप से व्यवसाय संचालन में सहूलियत मिलेगी। सिंहभूम चेम्बर ने राज्य सरकार एवं जियाडा के साथ मिलकर क्षेत्र के औद्योगिक विकास और एमएसएमई सशक्तिकरण के लिए निरंतर सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।




































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