Mumbai (Anil Beadg) इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन (आईईईएमए) ने आज मुंबई में बिल्डइलेक के चौथे संस्करण और कॉम्पइलेक के पहले संस्करण का भव्य उद्घाटन किया। 25–27 फरवरी तक चलने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन बिल्डिंग इलेक्ट्रिकल और कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को एक सशक्त सोर्सिंग व नेटवर्किंग मंच प्रदान कर रहा है। मुख्य अतिथि एसएम रमणाथन, डायरेक्टर इंजीनियरिंग एवं आरएंडडी, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने कहा,“ पावर इंफ्रास्ट्रक्चर तेज़ी से बढ़ रहा है और लो वोल्टेज से लेकर एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज तक उपकरणों की भारी मांग है। उपकरणों की समय पर आपूर्ति के लिए कंपोनेंट इंडस्ट्री की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने कॉम्पइलेक जैसे विशेष कंपोनेंट सोर्सिंग शो की सराहना करते हुए कहा कि 150 से अधिक खरीदारों का प्रदर्शकों से वन-ऑन-वन संवाद उद्योग को नई ऊर्जा देगा। ईमा के अध्यक्ष विक्रम गंडोत्रा ने कहा, “हमारे 1,100 से अधिक सदस्य देश की प्रगति के वाहक रहे हैं। आज हम 75 बिलियन डॉलर के उद्योग हैं, जिसमें 13.5 बिलियन डॉलर का निर्यात शामिल है, और 2030 तक 130 बिलियन डॉलर के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। इस लक्ष्य को पाने के लिए हमें सप्लाई टाइमलाइन का सख्ती से पालन करते हुए घरेलू विनिर्माण और सप्लाई चेन को और सुदृढ़ करना होगा।”
वहीं मेंटर शशि अमीन ने बाजार की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, “अगले पांच वर्षों में बाजार के दोगुना होने की उम्मीद है। इस बार हमने परिणाम-आधारित इकोसिस्टम पर फोकस किया है, जहां विशेष सिस्टम निर्माताओं को सीधे डेवलपर्स, कंसल्टेंट्स और कॉन्ट्रैक्टर्स से जोड़ने का अवसर मिल रहा है। हमारा उद्देश्य केवल उत्पाद प्रदर्शन नहीं, बल्कि ठोस व्यावसायिक वृद्धि सुनिश्चित करना है।”मुंबई में आयोजित यह प्रदर्शनी भारत के इलेक्ट्रिकल और कंपोनेंट्स निर्माण क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो 2030 तक 130 बिलियन डॉलर के विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।




































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