- सदन में विधायक जगत माझी ने की मांग, शिक्षा मंत्री ने कहा पश्चिमी सिंहभूम के छह विद्यालय सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के लिए किया गया है चयनित, पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालयों में शामिल है प्लस-2 प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय झीलरूवां
Upgrade Jharkhand News. विधायक जगत माझी ने गोइलकेरा प्रखंड के प्लस-2 प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय झीलरूवां को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा देने की मांग की है। सोमवार को विधायक ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से मांग करते हुए कहा गोईलकेरा प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र में प्लस-2 प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय झीलरूवां को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा देने से वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुणवतापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो पायेगा। जिसपर विभागीय मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालयों में झीलरूवां प्लस-2 स्कूल, गोईलकेरा भी शामिल है, जिसमें गुणवत्त शिक्षा प्रदान करने के निमित्त आइसीटी, स्मार्ट क्लास, साइंस लैब, वोकेशनल लैब, लाइब्रेरी आदि की सुविधा विद्यालय में उपलब्ध करायी गयी है।
साथ ही मंत्री ने बताया कि राज्य में 80 जिला स्तरीय विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय घोषित किया गया है, जिसके अन्तर्गत पश्चिमी सिंहभूम जिला में कुल 4 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय संचालित है। तत्काल द्वितीय चरण में राज्य में 100 प्रखण्ड स्तरीय सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस स्कूलों को विकसित किया जा रहा है।
जिसमें पश्चिमी सिंहभूम जिले के 06 विद्यालय प्लस-2 उच्च विद्यालय ईश्वर पाठक, मनोहरपुर, प्लस-2 उच्च विद्यालय, रसेल, जगन्नाथपुर, प्लस-2 उच्च विद्यालय, हाटगम्हरिया, प्लस-2 उच्च विद्यालय, चिटीमिटी. तांतनगर, प्लस-2 उच्च विद्यालय, राजआनंदपुर, आनंदपुर एवं उच्च विद्यालय, छोया, झींकपानी सम्मिलित हैं। मंत्री ने बताया कि बच्चों की कुल जनसंख्या, विद्यालय में कुल नामांकन आदि आधार पर चयनित किया गया है। साथ ही राज्य में 325 प्रखण्ड स्तरीय आदर्श विद्यालय एवं 4091 पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालय विकसित किया जा रहा है, जिसमें पश्चिमी सिंहभूम जिला में 18 प्रखण्ड स्तरीय आदर्श विद्यालय एवं 222 पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालय का संचालन किया जा रहा है।


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