Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Jamshedpur अल्पसूचित प्रश्नकाल में विधायक पूर्णिमा साहू ने उठाया मामला , कहा : जब नियमावली अब तक नहीं बनी तो फिर 31 मार्च तक परीक्षा कैसे संभव होगी MLA Purnima Sahu raised the issue during the short notice question hour and said: When the rules have not been made yet, then how will the examination be possible by March 31.

 


Jamshedpur (Nagendra) झारखंड विधानसभा के अल्पसूचित प्रश्नकाल में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य में जेटेट परीक्षा आयोजित नहीं होने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। विधायक द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में सरकार ने स्वीकार किया कि झारखंड में जेटेट की परीक्षा वर्ष 2016 के बाद से अब तक आयोजित नहीं हो सकी है। विधायक पूर्णिमा साहू ने सरकार से पूछा कि क्या यह सही है कि शिक्षा विभाग ने झारखंड हाई कोर्ट में शपथ पत्र दायर कर 31 मार्च 2026 तक जेटेट परीक्षा आयोजित करने की बात कही है। इस पर सरकार ने जवाब देते हुए बताया कि डब्ल्यू०पी० (एस०) संख्या 5355/2025 हरिकेश महतो एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य मामले में उच्च न्यायालय द्वारा 31 मार्च 2026 तक परीक्षा आयोजित करने का न्यायादेश पारित किया गया है। 


वहीं, जब विधायक ने यह पूछा कि क्या अब तक इस परीक्षा के लिए नियमावली तैयार नहीं हो सकी है, तो सरकार ने उत्तर दिया कि नियमावली का प्रारूप तैयार है परंतु सक्षम स्तर से अनुमोदन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। सरकार के इस जवाब पर विधायक पूर्णिमा साहू ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झारखंड में रोजगार और राज्य के नौनिहालों के भविष्य को लेकर सरकार का रवैया बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार उच्च न्यायालय में 31 मार्च 2026 तक परीक्षा आयोजित करने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर अब तक परीक्षा के लिए नियमावली तक स्वीकृत नहीं हो सकी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब परीक्षा के लिए अब महज 20 दिन ही बचे हैं, तो इतने कम समय में नियमावली का अनुमोदन, परीक्षा की तैयारी और उसका आयोजन कैसे संभव होगा। 


इस संबंध में भी सरकार की ओर से कोई स्पष्टता नहीं दी गई है। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि वर्ष 2024 में भी नई नियमावली बनाने के नाम पर आवेदन लेने के बावजूद परीक्षा को टाल दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दो वर्षों में जो सरकार नियमावली तक तैयार नहीं कर सकी, ऐसे में उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर राज्य सरकार माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रही है। तो वहीं दूसरी ओर, झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है।



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU

-ADVERTISEMENT-

.