- बिष्टुपुर में कथावाचक ने बाणासुर, अंधकासुर, भस्मासुर कथा का किया वर्णन
Jamshedpur (Nagendra) बिष्टुपुर सत्यनारायण श्याम मारवाड़ी मंदिर में चल रहे सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के छठवें दिन रविवार को कथावाचक सूदर्शनाचार्य महाराज ने बाणासुर, अंधकासुर, भस्मासुर कथा का वर्णन करते हुए बताया कि शिव महापुराण शिक्षा देता है कि अहंकार, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, भगवान की शरण में आकर ही शांत होता है। कहा कि आज की कथाएं भगवान शिव की शक्ति, करुणा और दुष्टों के संहार का वर्णन करती हैं। बाणासुर (सहस्रबाहु) को शिव ने संरक्षण दिया था, भस्मासुर ने वरदान से अहंकार कर स्वयं को भस्म किया, और अंधकासुर (शिवपुत्र) का वध महादेव ने अहंकार नष्ट करने के लिए किया। कथावाचक ने बताया कि बाणासुर की कथा दर्शाती है कि भगवान शिव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं, लेकिन अहंकार होने पर उसे नष्ट भी करते हैं।
अंधकासुर की कथा दर्शाती है कि अहंकार, अज्ञान (अंधकार) और वासना के विनाश तथा महादेव की शरण में आने पर मुक्ति का प्रतीक है। इसी प्रकार भस्मासुर कथा अहंकार के विनाश और भगवान विष्णु द्वारा धर्म की रक्षा का प्रतीक है। कथावाचक ने बताया कि बाणासुर भगवान शिव का परम भक्त था, लेकिन अपनी शक्ति के अभिमान में उसने भगवान श्रीकृष्ण को युद्ध के लिए चुनौती दी। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र के प्रयोग से बाणासुर का अभिमान तोड़ा और उसे धर्म तथा विनम्रता का मार्ग दिखाया। सातवें दिन सोमवार को पंचाक्षर महिमा का वर्णन और हवन पूर्णाहूति के साथ कथा का विश्राम होगा। सोमवार को कथा सुबह आठ बजे और हवन पूर्णाहूति दोपहर 12.30 बजे से होगी। मुख्य यजमान पुष्पा देवी-रामा कांत साह और अंचल-मनीष कश्यप सहित संस्था से जुड़े 11 जोड़ो ने रविवार को सुबह पूजा करायी। रोजाना की तरह आज भी दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक काफी संख्या में भक्तगण शामिल होकर कथा का श्रवण किया। इसका आयोजन धार्मिक संस्था मित्र कांवड संघ टाटानगर द्धारा किया जा रहा हैं।
बिष्टुपुर जलाराम भवन में बाबा बासुकीनाथ का विशाल संकीर्त्तन आजः- धार्मिक संस्था मित्र कांवड संघ टाटानगर द्धारा श्री श्री 1008 बाबा बासुकीनाथ का 17 वां वार्षिक उत्सव के शुभ अवसर पर 16 मार्च सोमवार को बिष्टुपुर जलाराम भवन में (श्रीराम मंदिर के पीछे) 8 बजे से देर रात तक बाबा बासुकीनाथ का विशाल संकीर्त्तन (रात्रि जागरण) होगा। इससे पहले पूजा और महाआरती शाम 7 बजे से होगी। प्रसाद एवं भंडारा का आयोजन भी होगा, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुगण शामिल होगें। कोलकात्ता के कलाकारों द्धारा बाबा बासुकीनाथ का भव्य दरबार सजाया जायेगा। विशाल संकीर्त्तन में आमंत्रित कलाकार कोलकाता के संजय शर्मा ‘पवन‘, देवघर की रेणु झा सहित स्थानीय कलाकार अशोक आगीवाल और अनुभव अग्रवाल भजनों की प्रस्तुति देगें। मित्र कांवड संघ संस्था ने सभी श्रद्धालुओं से संकीर्त्तन और प्रसाद में आने का अनुरोध किया हैं।

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