Upgrade Jharkhand News. शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, झारखंड के गम्हरिया स्थित आर्का जैन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के अंतर्गत प्रबंधन विभाग द्वारा दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस 'विस्टा 2026' का शानदार और सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर डॉ. एस. एस. रजी, प्रोफेसर डॉ. अंगद तिवारी और विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ शिक्षाविदों ने विशेष रूप से शिरकत की। इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का प्रमुख संचालन और सफल नेतृत्व आर्का जैन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट की सहायक डीन, डॉ. पोम्पी दास सेनगुप्ता द्वारा किया गया। उनके कुशल निर्देशन में, वैश्विक परिदृश्य और वर्तमान अनिश्चितताओं पर केंद्रित इस अनूठी पहल ने शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों को एक बेहतरीन साझा मंच प्रदान किया।
इस आयोजन की व्यापक सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विश्व के कई अन्य देशों से भी 60 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्र प्राप्त हुए। इस दो दिवसीय कांफ्रेंस में वैश्वीकरण और तकनीक के इस नए दौर की चुनौतियों व समाधानों पर गहन मंथन किया गया। पहले दिन ऑनलाइन माध्यम से शोध प्रस्तुतियां दी गईं, जहाँ विभिन्न विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं से आए शोधकर्ताओं ने समसामयिक और अत्यंत प्रासंगिक विषयों पर अपने विचार रखे। इस दौरान मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिस्क मैनेजमेंट और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। तकनीकी विकास, शिक्षा प्रणाली और जोखिम प्रबंधन के इन विविध विषयों को एक साथ पिरोते हुए, विद्वानों ने भविष्य की रूपरेखा और अनिश्चितताओं से निपटने के नवीन उपाय सुझाए। इसके साथ ही, अलग-अलग टीमों द्वारा 235 उत्कृष्ट शोध पोस्टर भी प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने अपनी उपस्थिति से इस आयोजन को और भी गरिमामयी बना दिया। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास से एडजंक्ट प्राध्यापक डॉ. ऋषि राज ने मुख्य अतिथि और सत्र अध्यक्ष के रूप में शिरकत की। उनके साथ डॉ. कीर्ति वशिष्ठ ने भी इस कांफ्रेंस में विशेष रूप से भाग लिया और अपने वैश्विक अनुभवों व दूरगामी सोच से सभी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। इस विशाल आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में आयोजन समिति में शामिल डॉ. अंकित सिंह, डॉ. विजेता, डॉ. निकिता शुक्ला, डॉ. राम सिंह, प्रोफेसर अतुल पाठक, प्रोफेसर उज्जवल प्रकाश व अन्य प्राध्यापकों के अथक प्रयासों का अहम योगदान रहा।
इस अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में न केवल विभिन्न स्थानों से आए शोधकर्ताओं ने, बल्कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी अत्यंत उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ज्ञान के आदान-प्रदान का यह मंच एक बेहद सुंदर और सार्थक समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। समापन सत्र में झारखंड राज्य के विकास और राष्ट्र की प्रगति से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चाएं की गईं। इस अवसर पर उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए बरुण झा, नेहा कुमारी, एवं अभय कुजूर को 'बेस्ट पेपर अवार्ड' से सम्मानित किया गया। वहीं दूसरी ओर, पोस्टर प्रस्तुति में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कई शोध पोस्टरों को भी पुरस्कृत कर शोधकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया गया। कुल मिलाकर, 'विस्टा 2026' ने अकादमिक शोध, नवाचार और वैचारिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में एक नया और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है।
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