Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Jamshedpur टाटा लैंड डिपार्ट की मिलीभगत से साकची में अवैध निर्माण जारी , लीज ऑफ नेचर व नक्शा विचलन का हो रहा घोर उल्लंघन Illegal construction continues in Sakchi with the connivance of the Tata Land Department, gross violations of the lease of nature and map deviations.

 


Jamshedpur (Nagendra) साकची बसंत टॉकीज रोड में टाटा लैंड डिपार्ट के अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माण का कार्य जारी है। एक ओर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध निर्माण कार्य के लिए सशक्त एवं दंडित कानून का प्रावधान किया गया है। वहीं जेएनएसी कार्यालय से महज कुछ ही दूरी पर मुख्य सड़क के किनारे खुलेआम अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त जमीन उमा अग्रवाल को शॉप रेसीडेंस के नाम पर टाटा स्टील द्वारा आबंटित किया गया था,  बाद में उमा अग्रवाल को झांसे में लेकर परिस्थितिबस उक्त जमीन को नरेश मेहता ने नोटरी एग्रीमेंट द्वारा अवैध रूप से आनन फानन में खरीद लिया ,जिससे केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व की क्षति हुई और ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट (रजिस्ट्रेशन एक्ट ) का भी घोर उल्लंघन किया गया। 


इस घटना को अंजाम देने में टाटा लैंड डिपार्ट के ऑफिस एसोसिएट संजीव कुमार , लैंड डिपार्ट के तसीलदार राजीव कुमार शर्मा एवं लैंड डिपार्ट के मैनेजर रविशंकर पांडेय का भरपूर सहयोग रहा। बाद में जिला प्रशासन को इस अवैध कार्य के बारे में जानकारी मिलने पर तत्कालीन एडीसी द्वारा उक्त कार्य को बंद करा दिया गया। इधर काफी दिन बीत जाने के बाद जनवरी 2026 में विवादित जमीन जिसका होल्डिंड नंबर 21 था , उसके जगह पर नरेश मेहता द्वार होल्डिंग नंबर 20 का बैनर लगाकर पुनः अवैध निर्माण कार्य को शुरू करा दिया गया है , ताकि जिला प्रशासन दिग्भ्रमित हो सके। टाटा लैंड डिपार्ट के अधिकारी संजीव कुमार एवं ऑफिस क्लर्क सोमदीप मिश्रा तथा तसीलदार राजेश कुमार शर्मा के सहयोग से उक्त अवैध निर्माण कार्य को पुनः शुरू कर दिया गया है।


जानकारी के अनुसार गोल्डिंग नंबर 19 एवं 20 जो कि किशोर कुमार मेहता एवं पीयूष कुमार मेहता के नाम पर आबंटित है जिसका नक्शा  G+2 शॉप कम रेसिडेंशियल के नाम पर 2005 में स्वीकृति प्रदान किया गया था। वर्तमान में अबतक तीन तल्ला से ऊपर तक निर्माण किया जा चुका है और आगे भी निर्माण कार्य जारी है। नियम कानून की अनदेखी कर अब पूर्ण रूप से उसे कमर्शियल बना दिया गया है जो कि लीज ऑफ नेचर और नक्शा विचलन का घोर उल्लंघन है। इस सम्बन्ध में जेएनएसी के अधिकारी भी मौन बैठे हुए हैं।



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU

-ADVERTISEMENT-

.