Jamshedpur (Nagendra) गोलमुरी क्षेत्र अंतर्गत न्यू केबुल टाउन में परमश्रद्धेय गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा के सानिध्य में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का शुक्रवार को वैदिक विधि-विधान, पूर्णाहुति एवं विशाल महाभंडारे के साथ समापन हो गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया। अंतिम दिन प्रातः काल से ही यज्ञशाला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इस दौरान पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार और जयघोष से भक्तिमय बना रहा। पंचकुंडीय यज्ञशाला में बनारस से पधारे यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री के नेतृत्व में 21 सदस्यीय आचार्यों की टोली ने विधिपूर्वक अनुष्ठान संपन्न कराया। वैदिक परंपरा के अनुरूप परमश्रद्धेय गुरुदेव जय मंगला बाबा के करकमलों से यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न हुई, जिसके पश्चात विधिवत विसर्जन किया गया।
यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात आयोजन स्थल से सटे मैदान में विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर 2 बजे से देर रात तक चले इस महाभंडारे में 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुव्यवस्थित प्रसाद वितरण के लिए आयोजन समिति द्वारा विशेष प्रबंध किए गए थे। प्रसाद वितरण हेतु 10 काउंटर तथा शीतल पेयजल के लिए 5 अलग काउंटर लगाए गए थे। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग स्थानों पर प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। महाभंडारे में श्रद्धालुओं को पूरी, सब्जी, खीर, चटनी, पुलाव और दाल का महाभोग परोसा गया। आयोजन समिति ने पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रसाद वितरण के लिए कागज की प्लेट और ग्लास का उपयोग किया। भंडारे के दौरान सामाजिक समरसता, सेवा भावना और अनुशासन का भाव दिखा।
आयोजन समिति के महिला एवं पुरुष स्वयंसेवक पूरे समय श्रद्धालुओं की सेवा और सुविधा में तत्पर रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर एवं समिति के कई सदस्य व्यवस्थाओं की देखरेख में दिनभर सक्रिय रहे। समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह, बिपिन झा, बिट्टू तिवारी सहित वरिष्ठ सदस्यों ने आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शनिवार को यज्ञशाला में विधिवत रामार्चा पूजन सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात, समिति की ओर से सक्रिय सहभागिता से आयोजन को सफल बनाने वाले सभी सदस्यों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया एवं आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर आयोजन समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर ने कहा कि नौ दिवसीय इस महायज्ञ में महाभंडारा सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी, जो श्रद्धालुओं के सहयोग और प्रभु कृपा से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं, भक्तगणों एवं केबुल वासियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह आयोजन भव्य, ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बना। उन्होंने कहा कि नौ दिनों तक श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतुष्टि, श्रद्धा, ऊर्जा और आस्था ही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता और लिए प्रेरणा है।
इस दौरान लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर, संयोजक शिवशंकर सिंह, बिपिन झा, बिट्टू तिवारी, जम्मू वाले बाबा, नीरज सिंह, शैलेश पांडेय, राजेश सिंह, संजय सिंह, हरेराम यादव, प्रेम झा, लाल बाबू यादव, पंकज वर्मा, सन्नी सिंह चौहान, पप्पू यादव, गोपाल शर्मा, आदित्य ओझा, कृष्णा कुमार, अवनीश सिंह चिंटू, बब्बू तिवारी, महेश शर्मा, अवधेश सिंह, सत्येंद्रनाथ सिंह, अजय तिवारी, निशांत सिन्हा, नीरज मिश्रा, देबाशीष झा, अनिल सिंह, त्रिभुवन प्रसाद सिंह, निखिल सिंह, सुरेश दास, अजय लाला, सोनू समेत समिति के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।


.jpeg)
No comments:
Post a Comment