Jamshedpur (Nagendra) शहर में इन दिनों ईंधन संकट गहराता हुआ दिखाई दे रहा है. शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल नहीं है और डीजल उपलब्ध नहीं जैसे बोर्ड लगाए जा चुके हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि सुबह से लेकर देर शाम तक लोग एक पेट्रोल पंप से दूसरे पेट्रोल पंप का चक्कर काटते नजर आ रहे हैं. कई जगहों पर उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है. ईंधन की इस किल्लत ने आम लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है. खासकर मेडिकल इमरजेंसी, परिवहन और छोटे कारोबार से जुड़े लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. कई लोग जरूरी कामों के लिए भी पेट्रोल और डीजल नहीं मिलने से परेशान हैं. मेडिकल इमरजेंसी में अपने परिजन के लिए ब्लड लेकर अस्पताल जा रहे गुड्डू यादव ने बताया कि वह सुबह से तीन-चार पेट्रोल पंपों का चक्कर लगा चुके हैं. लेकिन कहीं भी पेट्रोल उपलब्ध नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में कुछ लोग ब्लैक में ढाई सौ से तीन सौ रुपये प्रति लीटर तक पेट्रोल बेच रहे हैं. एक स्थानीय मिनी ट्रक चालक विक्की यादव और सुनील चौधरी ने बताया कि ईंधन संकट का सीधा असर उनके रोजगार पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि डीजल नहीं मिलने के कारण माल ढुलाई का काम प्रभावित हो रहा है और कई गाड़ियां खड़ी करनी पड़ रही है. उनका कहना है कि कई पेट्रोल पंपों पर एक हजार रुपए से अधिक का डीजल नहीं दिया जा रहा. जिससे लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है.
पेट्रोल पंप कर्मचारियों का कहना है कि उनकी ओर से उपलब्ध स्टॉक के अनुसार लोगों को पेट्रोल और डीजल देने का प्रयास किया जा रहा है. कर्मचारियों के मुताबिक जिला प्रशासन द्वारा पहले ही निर्देश दिया गया था कि सीमित मात्रा में ईंधन का वितरण किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी आपूर्ति हो सके. हालांकि बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दे रही है. जब शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों का जायजा लिया तो कई पंप शाम होते-होते पूरी तरह बंद मिले. कई जगहों पर पेट्रोल पंप के प्रवेश द्वार पर ही बोर्ड लगा दिया गया था कि पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं है. इस कारण वाहन चालक बिना ईंधन लिए ही वापस लौटने को मजबूर दिखे. लोगों की शिकायतों को देखते हुए जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, रिलायंस, नायरा एनर्जी और जिले के सभी पेट्रोल पंप प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक के बाद उपायुक्त ने दावा किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है तथा आवश्यकता के अनुसार सभी पेट्रोल पंपों को ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है.
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाए. ईंधन संकट को लेकर जमशेदपुर के साकची पेट्रोल पंप संचालक सह कोल्हान पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव राजीव सिंह ने जानकारी दी. उन्होंने बताया की जनता पैनिक हो गई है, जबकि वर्तमान में तेल की कमी नहीं है. उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा पेट्रोल की खपत होती है. सप्ताह में पांच सौ का पेट्रोल भरवाने वाले एक दिन मे पांच सौ ले रहे हैं. यही वजह है कि स्टॉक समय से पहले खत्म हो रहा है. तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व के दिनों में क्रेडिट पर टैंकर आ जाता था. लेकिन अब तेल मंगाने से पहले पूरा भुगतान करना पड़ता है. राजीव सिंह ने कहा कि सभी ग्राहक नगद भुगतान नहीं करते हैं. ऑनलाइन भुगतान ज्यादा होता है और उसका पैसा दूसरे दिन बैंक में क्रेडिट होता है. जिसके बाद ही अगला ऑर्डर दिया जाता है. डिपो में भुगतान के बाद टैंकर रवाना होता है. टेंकर की रफ्तार लिमिट होती है. जिसे निर्धारित पंप तक पहुंचने में वक्त लगता है. तब तक पंप बंद रहता है. उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे पंप में भीड़ कम हो रही है, लेकिन आम जनता को धैर्य रखना होगा. तेल की कोई कमी नहीं है.

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